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CG Politics: हमें अपनों ने लूटा, गैरों में कहां था दम… विपक्ष ने साय सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

CG Politics: प्रशासक नियुक्ति से पहले महापौर एजाज ढेबर ने पांच सालों का ब्योरा दिया। जिसमें प्रॉपर्टी टैक्स में हेराफेरी के बाद अब नामांतरण में घूसखोरी का मामला सामने आया है।

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CG Politics: नगर निगम की सत्ता प्रशासक के हाथों में जाने से पहले शनिवार को महापौर एजाज ढेबर ने अपने पांच सालों के कार्यों का ब्योरा दिया। साथ ही कहा कि सरकार चुनाव कराने में टालमटोल कर रही है, इसलिए प्रशासक बैठाया है, परंतु चुने हुए सभी पार्षद जनता को परेशान नहीं होने देंगे, बल्कि वे पहले जैसे पूरे अधिकार से काम करेंगे।

CG Politics: किराएदार कारोबारियों को मालिकाना हक

मीडिया से चर्चा में एक शायरी का जिक्र करते हुए कहा कि- हमें अपनों ने लूटा, गैरों में कहां था दम… उन्हें इस बात का अफसोस है कि विपक्ष ने हमेशा उनके धर्म और भ्रष्टाचार को लेकर दुष्प्रचारित किया, परंतु आज तक कुछ साबित नहीं कर पाए। महापौर एजाज ढेबर ने यह भी कि उनका और कांग्रेस सरकार का प्रयास था कि शहर के सबसे पुराने गोल बाजार के किराएदार कारोबारियों को मालिकाना हक मिले।

करीब 20-21 लोगों ने रजिस्ट्री भी कराई। परंतु सत्ता बदलने से बाजार के व्यापारी राजनीति के शिकार हो गए। फूलचौक-तात्यापारा रोड चौड़ीकरण के मुद्दे पर ढेबर बोले कि उनकी सरकार में 134 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है।

काम गिनाए

महापौर ने अपने कार्यकाल के दौरान 2020-21 के राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में रायपुर शहर का स्थान 6 नंबर पर आने को यादगार बताया। उन्होंने कहा कि, उन्हें इस बात का संतोष है कि सबसे अधिक काम मंदिरों, तालाबों के संरक्षण का किया गया। बांसटाल में भव्य जगन्नाथ मंदिर बनवा रहे हैं। पुरानी बस्ती जहां मठ-मंदिर हैं, उस क्षेत्र को हेरिटेज का स्वरूप दिया गया।

सोमवार से महापौर, एमआईसी कक्ष बंद

निगम में सोमवार से महापौर समेत एमआईसी सदस्यों का बैठना बंद हो जाएगा। अब केवल लोगों की समस्या को लेकर ही अधिकारियों के पास पहुंचेंगे। क्योंकि उनके आवंटित कक्ष को बंद कर दिया जाएगा और कलेक्टर और आयुक्त की स्वीकृति से ही कोई भी कार्य होगा।

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नगर निगम के जोन 1 में प्रॉपर्टी टैक्स में हेराफेरी मामले के बाद अब जोन-4 में नामांतरण के लिए घूसखोरी का मामला सामने आया है। निगम में इस तरह के मामले रुकने के नाम नहीं ले रहे हैं। दावा तो यह किया जाता है कि नामांतरण, नक्शा पास और प्रॉपर्टी टैक्स जैसे सिस्टम को सीधे ऑनलाइन किया जा रहा है। इसके बावजूद निगम जोनों में मनमानी चल रही है।

जिम्मेदार अधिकारी भी दोषियों को बचाने में लगे

हैरानी ये कि शहर के आम लोगों की समस्याओं का निराकरण करने बजाय फाइलें दबाने और आवेदनों का निराकरण के बजाय कुछ न कुछ खामियां निकालकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है। निगम के जोन-4 में ऐसे ही मामले का खुलासा होने पर जोन के राजस्व विभाग के सहायक और उपनिरीक्षकों को नोटिस जारी कर लिखा-पढ़ी की गई है।

आरोप लगते रहे हैं कि निगम का अमला जब तक घूस नहीं ले लेता है, तब तक जरूरतमंद को घुमाया जाता है। chhattisgarh news आश्चर्य ये कि ऐसे गंभीर मामलों पर जिम्मेदार अधिकारी भी दोषियों को बचाने में लगे रहे हैं, जब मामला तूल पकड़ता है, जब नोटिस जारी करना और निलंबन जैसी प्रक्रिया की जाती है।

कारण बताओ नोटिस जारी

CG Politics: जोन 4 में अभिषेक अग्रवाल नामक व्यक्ति ने नामांतरण के लिए अर्जी दी थी। आरोप है कि उसके मामले का निराकरण करने के बजाय 15 हजार रुपए रिश्वत देने के लिए दबाव बनाया गया। ऐसे में वह व्यक्ति मजबूर होकर रिश्वत देने की शिकायत निगम के अधिकारियों से शिकायत आवेदन देकर उल्लेख किया कि राजस्व उप निरीक्षक जितेंद्र नियाल द्वारा नामांतरण के लिए 15 हजार रिश्वत ली गई, जिसमें सहायक राजस्व अधिकारी मानकूराम धीवर का नाम शामिल हैं।

मामला तूल पकड़ने पर अपर आयुक्त राजेंद्र गुप्ता ने 30 दिसंबर को दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करना प्रस्तावित किया। उनका कहना है कि दोषियों का जवाब आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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