
CG Suicide case: राजधानी सहित प्रदेश भर में खुदकुशी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह सहनशीलता में कमी है। तनाव, डिप्रेशन, व्यक्तिगत, आर्थिक और सामाजिक कारणों से खुदकुशी की घटनाएं बढ़ रही है। खुदकुशी के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश से आगे है।
यहां आत्महत्या ( CG Suicide case ) से मृत्यु दर भारत में आत्महत्या से मृत्युदर से ज्यादा है। छत्तीसगढ़ में खुदकुशी से मृत्युदर 26.4 फीसदी है, जबकि राष्ट्रीय औसत 10.4 फीसदी ही है। इसके अलावा कुछ पड़ोसी राज्यों से भी छत्तीसगढ़ में खुदकुशी का औसत दर ज्यादा है। इसका खुलासा सीजी कैग की रिपोर्ट से हुआ है।
छत्तीसगढ़ में खुदकुशी मृत्युदर 26.4 फीसदी है। पड़ोसी राज्य झारखंड में 4.4, मध्यप्रदेश में 15.1, ओडिशा में 10.5, तेलंगाना में 20.6 है। खुदकुशी से मृत्युदर में छत्तीसगढ़ इन चार राज्यों और देश के राष्ट्रीय औसत से भी आगे है।
CG News: खुदकुशी के ज्यादा कारण तनाव, डिप्रेशन, असफलता, पारिवारिक विवाद, आर्थिक तंगी आदि होते हैं। इसके मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारण भी सामने आ रहे हैं। हालांकि खुदकुशी के अधिकांश मामलों की जांच में आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाते हैं। जिन मामलों में सुसाइड नोट या कोई साक्ष्य पुलिस को मिलता है, उसी का पता चल पाता है। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों में सहनशीलता की कमी खुदकुशी के लिए बड़ा कारण के रूप में सामने आ रही है।
केस-1: टिकरापारा के मठपुरैना के बीएसयूपी कॉलोनी में लखन सेन अपनी पत्नी रानू और 16 वर्षीया बेटी पायल के साथ रहा था। दिसंबर 2023 में में लखन ने अपनी पत्नी और बेटी के साथ पंखे पर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। तीनों की खुदकुशी की सही वजह अब तक सामने नहीं आ पाई है।
केस-2: अप्रैल 2023 में खरोरा इलाके में तुकेश सोनकेवरे ने अपनी पत्नी निक्की उर्फ नितिक्षा और 3 साल के बेटे निहाल को जहर देकर मार डाला। इसके बाद खुद ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
रायपुर एसएसपी, संतोष कुमार सिंह ने पत्रिका को बताया कि खुदकुशी के कई कारण सामने आते हैं। अधिकांश मामलों में आपसी विवाद के चलते यह स्थिति बनती है। इसके अलावा आर्थिक, सामाजिक और रिश्तों आदि को लेकर विवाद के चलते भी खुदकुशी की नौबत आती है। कई मामले मानसिक स्थिति से भी जुड़े होते हैं।
Updated on:
05 Aug 2024 07:03 pm
Published on:
05 Aug 2024 12:28 pm
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