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पत्रिका को मिली पुलिस की अंदरूनी रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा, शहर की 40 बस्तियों में कोरोना वायरस के फैलाव की संभावना

रायपुर में कम से कम 8 हजार लोग होम क्वारंटाइन में हैं, जो विदेश से लौटे हैं या फिर जो संदिग्धों के संपर्क में आए हैं। ऐसे लोगों को घरों में रहने की सख्त हिदायत दी गई है। मगर, तीन पॉजिटिव मरीजों ने इन नियमों का उल्लंघन किया। न जाने ऐसे कितने लोग हैं जो नियमों को तोड़ रहे होंगे।

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पत्रिका को मिली पुलिस की अंदरूनी रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा, शहर की 40 बस्तियों में कोरोना वायरस के फैलाव की संभावना

पत्रिका को मिली पुलिस की अंदरूनी रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा, शहर की 40 बस्तियों में कोरोना वायरस के फैलाव की संभावना

रायपुर. कोरोना वायरस के भले ही रायपुर शहर में अब तक चार पॉजिटिव मरीज ही मिले हों, मगर होम क्वारंटाइन में रहने वाले लोगों से वायरस के फैलाव का खतरा बना हुआ है। यह बात पुलिस की खुफिया रिपोर्ट में निकलकर सामने आई है। पत्रिका के पास वह पत्र मौजूद है जो रायपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से भी थाना प्रभारियों को भेजा गया है।

जिसमें शहर की 40 बस्तियों (पॉश कॉलोनी और स्लम बस्ती) के नाम लिखे हुए हैं। यह भी लिखा है कि इन बस्तियों में कोरोना वायरस के फैलाव की संभावना है। यही वजह है कि अब रात-दिन इन बस्तियों में पुलिस की मुस्तैदी दिखाई दे रही है।

गौरतलब है कि रायपुर में कम से कम 8 हजार लोग होम क्वारंटाइन में हैं, जो विदेश से लौटे हैं या फिर जो संदिग्धों के संपर्क में आए हैं। ऐसे लोगों को घरों में रहने की सख्त हिदायत दी गई है। मगर, तीन पॉजिटिव मरीजों ने इन नियमों का उल्लंघन किया। न जाने ऐसे कितने लोग हैं जो नियमों को तोड़ रहे होंगे। यही कारण है कि अब इन सभी पर पैनी नजर रखने का जिम्मा 29 मार्च को खाकी वर्दी को दिया गया है। पुलिस के पास थानेवार क्वारंटाइन में रह रहे लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर हैं। सूत्रों के मुताबिक थाना प्रभारियों को यह भी निर्देश हैं कि होम क्वारंटाइन में रहने वालों के घर में कम से कम एक बार दस्तक जरूर दी जाए, ताकि डर भी बना रहा।

किसी क्या है भूमिका, समझें

स्वास्थ्य विभाग- कोरोना संदिग्ध और कोरोना पॉजिटिव मरीजों को ढूंढना। उनका इलाज करना। इलाज की उच्च स्तरीय सुविधा मुहैया करवाना। आने वाले समय में अगर वायरस का फैलाव को रोकना।

पुलिस विभाग- लॉक डाउन के दौरान व्यवस्था बनाए रखना। लोगों को समझाना कि घरों से न निकलें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करना। लॉ-एंड-ऑर्डर बनाए रखना।

जिला प्रशासन- लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसका ख्याल रखना। आम जरुरतों की चीजें मुहैया करवाना। इनकी कमी न हो, इसका ध्यान रखना। फंसे हुए दूसरे राज्यों और शहरों के लोगों के खान-पान और ठहरने की व्यवस्था करना।

शहर की इन बस्तियों में हैं लोग क्वारंटाइन में

हीरापुर, शिवानंद नगर, मुकुट नगर, फाफाडीह, टाटीबंध, कुकरीपारा, गीता नगर, चौबे कॉलोनी, समता कॉलोनी, तेलघानी नाका चौक, कुम्हार पारा, देवेंद्र नगर, राजातालाब, अवंति विहार, दलदल सिवनी, मोवा, गायत्री नगर, गीतांजली नगर, विशाल नगर, शंकर नगर, खम्हारडीह, अमलीडीह, सिविल लाइन, टैगोर नगर, शैलेंद्र नगर, साईं नगर, महावीर नगर, पंचशील नगर, प्रियदर्शनीय नगर, कैलाशपुर प्रमुख रूप से शामिल हैं।

होम क्वारंटाइन व्यक्तियों के संपर्क में क्षेत्र

कुकरबेड़ा, रामनगर, खमतराई, जरवाया, गंगा नगर, कविता नगर, टाटीबंध, आकाशवाणी चौक, बैजनाथपारा, आजाद चौक, बढ़ईपारा, कचना, ईडब्ल्यूएस कॉलोनी, पार्वती नगर और भावना नगर शामिल हैं।

आप घर में रहोगे तो कोरोना से बच पाओगे- स्वास्थ्य विभाग की मानें तो लॉक डाउन और होम क्वारंटाइन के नियमों का पालन करके ही वायरस के प्रभाव को शून्य किया जा सकता है। जो देश भी इस नियम से चले हैं, वहां वायरस नहीं फैला है।