
Chat GPT: इन दिनों एआई बेस्ड ऐप चैटजीपीटी (AI Based App ChatGPT) को लेकर अलग-अलग बातें हो रही हैं। अमरीका की बड़ी इंटरनेट मीडिया कंपनी बजफीड (buzzfeed) ने तो इसे राइटर के तौर पर इस्तेमाल करने की घोषणा भी कर दी है। इधर, रायपुर में इसरो वैज्ञानिक रचना पटनायक ने चैटजीपीटी ( ChatGPT) को लेकर बड़ा बयान दिया है। बोलीं- इस पर तो बैन लग जान चाहिए क्योंकि यह बच्चों की क्रिएटिविटी पर नकारात्मक असर डालेगा। मैंने चैटजीपीटी के एक रिसर्च पेपर को हमारे प्रमाणिक सॉफ्टवेयर से टेस्ट किया था। मुझे हैरानी हुई कि महज 3 परसेंट कंटेंट की सिमलर पाए गए। यह बहुत स्ट्रांग ऐप है।
एक सवाल पर इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक एनजे भट्ट और एसपी व्यास ने कहा कि हम दुनिया के टॉप 6 में आते हैं। हमारे काम को देखते हुए दुनिया के देशों में दबाव रहता है। दूसरे देश के काम भी हमें मिलने लगे हैं। इसलिए प्रेशर हम पर नहीं बल्कि उन पर है। वैज्ञानिकों ने गगनयान समेत कई प्रोजेक्ट के बारे में सामान्य जानकारी दी और कहा कि हम स्पेस के मामले दूसरे देशों से बेहतर काम कर रहे हैं।
Chat GPT : All about Chat GPT, what is it and how it works: चैट जीपीटी (Chat GPT) क्या है... बहुत से लोगों ने इस नाम को सुना होगा. लेकिन इस्तेमाल नहीं किया होगा. करोड़ों लोग ऐसे होंगे जिन्हें इसका नाम भी नहीं मालूम होगा. Chat GPT Kya hai (what is chat GPT) लिखकर लोग गूगल पर सर्च कर रहे हैं. Chat GPT (चैट जीपीटी) को इंग्लिश में चैट जेनरेटिव प्रिट्रेंड ट्रांसफार्मर (Chat Generative Pretrained Transformer) कहते हैं. इसे ओपन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Open AI) द्वारा बनाया गया है. आम बोलचाल की भाषा में इसे ऐसे समझा जा सकता है. Chat GPT एक प्रकार का चैट बोट है. यानि ऐसा bot जो आपके द्वारा पूछे गए प्रश्न को समझ कर विस्तार से जवाब तैयार कर देता है. जवाब तैयार कर रहा है. समझ जाइए. सर्च करके सामने नहीं ला रहा है जैसा कि गूगल करता है. गूगल सर्च इंजन है और उसकी उपयोगिता वहीं तक है. प्रयोग करने वाले बताते हैं कि Chat GPT से कोई भी सवाल किया जा सकता है और यह एआई के माध्यम से तैयार जवाब लिखकर देता है. यही कारण है कि माइक्रोसॉफ्ट के इस एप्लीकेशन से गूगल को कुछ खतरा तो महसूस हो रहा होगा.
इसरो का मोबाइल एग्जीबिशन आज से
एनएच गोयल स्कूल में तीन दिनी विक्रम साराभाई स्पेस एग्जीबिशन की शुरुआत गुरुवार से हो रही है। इसमें सांइस से जुड़े कई फोटोग्राफ्स व मॉडल एग्जीबिट होंगे। रॉकेट लॉन्चिंग का भी मॉडल लगाया जाएगा। यहां एंट्री फ्री है। छठवीं से बारहवीं का कोई भी छात्र जा सकता है।
Published on:
02 Feb 2023 02:00 pm
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