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बासी अउ वोकर महत्तम

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बासी अउ वोकर महत्तम

बासी अउ वोकर महत्तम

ये संसार म भुइंया के भगवान के पूजा अगर होथे त वो देस हावय भारत। जिहां भुइंया ल महतारी अउ किसान ल वोकर लइका कहे जाथे। ये संसार म अन्न के पूरति करइया अन्नदाता किसान हे। हमर छत्तीसगढ़ ल धान के कटोरा कहे जाथे अउ इहां के किसान अउ कमइया मनखेमन के परमुख अहार भात हावय। जेला कतकोन किसम ले जेवन के रूप म ले जाथे। जइसे चाउर के भात, चीला रोटी, फरा, बोबरा, बोरे अउ बासी। ऐेमा बासी ह गरमी के दिन के परमुख अहार आय।
छत्तीसगढ़ी भाखा म बासी एक भात के बने खाए के बियंजन आय। फेर, हिंदी भाखा म बासी बाचे जुन्ना खाए के जिनिस ल कहे जाथे। फेर, बासी रतिहा के भात ल पानी म बोरे जिनिस आय। जेला बिहनिया या मंझनिया तक खाए जा सकत हे।
बनाए के बिधि : बासी बनाए के बिधि बड़ आसान हे। रतिहा के बने भात ल बिहनियाा बुता-काम म जाय के पहिली खाय बर ऐला बनाए जाथे। रात के खाना खाके माइलोगनमन रतिहा जेन हडिया म भात ल बनाए रइथे वोमा पानी डार देथें। बिहनिया बुता-काम म जाय के पहिली वो रतिहा के भात जेला पानी म भिगोय रइथे वोमा नून डार के साग संग खाथें।