
Diwali 2021: चतुर्ग्रही योग में मनेगी दिवाली, जानिए महालक्ष्मी पूजन के लिए चौघड़िया मुहूर्त
रायपुर. Diwali 2021: हर देवी-देवताओं के पूजन का विशेष दिन होता है। महालक्ष्मी पूजन (Mahalaxmi Puja) का दिन गुरुवार है। इस बार इसी संयोग में 4 नवंबर को दीपोत्सव पंच महायोग में मनेगा। ज्योतिषियों की मानें तो दिवाली के दिन सभी दिशाएं शुभ मुहूर्त के लिए खुल जाती हैं। इसलिए कई परिवारों में मांगलिक कार्यक्रम भी होते हैं।
वहीं दिवाली पर्व (Diwali Festival) के दिन ही समाज के लोग अपने-अपने रीति-रिवाज परंपरा से मनाते हैं। जैन समाज 24वें तीर्थकर भगवान महावीर का निर्वाण दिवस मनाएगा। जैन मंदिरों में भगवान की पूजा-अर्चना कर निर्वाण लड्डू अर्पित करेंगे। सिख समाज अपने दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह का सुमिरन कर दिवाली मनाएगा।
पांच दिवसीय दिवाली उत्सव को लेकर पिछले तीन-चार दिनों से मोहल्ले और कॉलोनियां रंगीन रोशनी से शाम होते ही जगमगा रही हैं। धनतेरस पर जो भी खरीदारी किए हैं, उसे महालक्ष्मी के समक्ष रखकर विधि-विधान से पूजन करेंगे। दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा 5 नवंबर को मठ-मंदिरों और गोठानों में होगी। इसी दिन राउत नाचा का प्रदर्शन करते हुए दोहा गाते हुए शहर के आसपास के क्षेत्रों से यादव समाज के सदस्य अपनी परंपरा से उत्सव मनाने निकलेंगे। 6 नवंबर को भाईदूज और कायस्थ समाज भगवान चित्रगुप्त की जयंती मनाएगा।
चतुर्ग्रही योग का संयोग
पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि 4 नवंबर गुरुवार के दिन कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की अमावस्या तिथि पर दीपोत्सव मनेगा। इस बार चंद्र, मंगल, सूर्य और बुध तुला राशि में रहेंगे। शनि और गुरु मकर में पहले से ही विराजमान हैं। शुक्र ग्रह धनु में और राहु ग्रह वृषभ में रहेंगे। लग्न तुला का बन रहा है और दो नक्षत्रों चित्रा तथा स्वाती के संयोग में प्रीति व आयुष्मान योग बना रहेगा। जो बहुत ही फलदायी है।
महालक्ष्मी पूजन चौघड़िया मुहूर्त
शुभ - सुबह 6 से 7.30 बजे तक
अभिजीत- सुबह 11.36 से 12. 24 बजे तक
लाभ - मध्यान्ह 12 से 1.30 बजे तक
अमृत - दोपहर 1.30 से 3 बजे तक
गोधूलि बेला - 4. 34 से 6.10 बजे तक
स्थिर लग्न-शाम 6.03 से 8.02 बजे तक
मिथुन लग्न -रात्रि 8.02 से 10.15 बजे तक
स्थिर सिंह लग्न-रात्रि 12.30 से 2.40 तक
आज रूप चौदस, यम के नाम पांच दीप
दिवाली पर्व पर से एक दिन पहले 3 नवंबर बुधवार को नरक चतुर्दशी यानी कि रूप चौदस मनेगी। माताएं-बहनें महालक्ष्मी पूजन के लिए रूप निखारेंगी। पूरी तैयारी करेंगी। शाम के पहर घर के कोने-कोने में 14 दीप जाएंगी और पांच दीपक दक्षिण दिशा की ओर यमराज के नाम रखकर सुख-शांति की कामना करेंगी।
Published on:
03 Nov 2021 10:14 am
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