
जेलों में क्षमता से तीन गुना ज्यादा कैदी (Photo AI)
CG News: छत्तीसगढ़ की जेलें सजायाफ्ता कैदियों और विचाराधीन बंदियों से हाउसफुल हो चुकी हैं। 33 जेलों में एक भी जगह नहीं बची है। हालात यह हैं कि निर्धारित क्षमता से करीब दोगुना लोगों को रखा गया है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या 14349 विचाराधीन बंदियों की संख्या है। जिसमें 905 महिलाएं भी शामिल हैं। ओवरक्लाउडिंग की स्थिति को देखते हुए आरटीआई एक्टिविस्ट संजय थुल द्वारा सूचना अधिकार के जानकारी जेल प्रशासन से जानकारी मांगी थी।
जनसूचना अधिकारी प्रफुल्ल कुमार जोशी ने इसका ब्योरा दिया। साथ ही बताया कि सबसे ज्यादा रायपुर जेल में निर्धारित क्षमता से ढाई गुना से ज्यादा कैदियों और विचाराधीन बंदियों को रखा गया है। वहीं, जिला एवं उपजेल में क्षमता से कम कैदियों को रखा गया है।
जेल मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 33 जेलों में गिनती के 5 जिला एवं उपजेल में क्षमता से कम कैदियों को रखा गया है। लेकिन, सभी 5 केंद्रीय, 17 जिला और उपजेल में औसतन क्षमता से 30 से 35 फीसदी कैदी और विचाराधीन बंदियों को रखा गया है। बता दें कि विचाराधीन बंदियों की विभिन्न स्तर पर स्थानीय न्यायालयों में सुनवाई चल रही है। कई बार कोर्ट नहीं लाने के कारण सुनवाई को आगे बढ़ाने के कारण ही बंदियों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
एक्टिविस्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। इसमें बताया गया है कि छोटे अपराध, जमानत की व्यवस्था और अधिवक्ता हायर नहीं कर पाने वाले बंदियों की संख्या सबसे ज्यादा है। शासन स्तर पर पहल करने से छोटी सजा वाले रिहाई योग्य बंदियों को इसका लाभ मिल सकता है। साथ ही जेलों की क्षमता भी बढ़ाने का अनुरोध किया है।
भीड़ के कारण कैदियों को चिकित्सा, स्वच्छता और रहने की खराब स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जेलों में कैदियों की अत्यधिक संख्या पर नाराजगी जताई है और स्थिति सुधारने के लिए राज्य सरकार को पहले
करने कहा है।
प्रदेश की 33 जेलों की क्षमता — 14973
वर्तमान में रखे गए कैदी
21518
विचाराधीन कैदियों की संख्या 14349
सजायाफ्ता कैदियों की संख्या 7169
Updated on:
07 May 2026 08:58 am
Published on:
07 May 2026 08:57 am
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