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छत्तीसगढ़ : 19 साल बाद भी नवा रायपुर वीरान, बसाहट तो दूर अभी पंचर की दुकान तक नहीं

- सीएम हाउस, मंत्रियों के बंगलों पर टिकी निगाहें, जून-जुलाई 2021 तक काम पूरा करने का रखा गया है लक्ष्य, 30 से 35 फीसदी काम हुआ पूरा। - फैक्ट फाइल1. नवा रायपुर की स्थापना- वर्ष 20012. मुख्यमंत्री निवास का भूमिपूजन-वर्ष 20193. मुख्यमंत्री,मंत्री, ऑफिसर्स कॉलोनी लागत- 591.75 करोड़4. निर्माण अवधि- 24 माह5. मंत्री बंगलों की संख्या- 166. ऑफिसर्स बंगलों की संख्या-587. राजभवन का क्षेत्रफल-14 एकड़8. मुख्यमंत्री निवास का क्षेत्रफल-8 एकड़  

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रायपुर. सरकार के साथ ही नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के लिए नवा रायपुर (naya raipur) में बसाहट इन दिनों सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है। नवा रायपुर में चमचमाती सड़कें तो हैं, लेकिन राहगीर नहीं। यदि रास्ते में गाड़ी पंचर हो जाए तो यहां पंचर की दुकान तक नहीं मिलेगी। नवा रायपुर के सेक्टर-24 में मुख्यमंत्री निवास (Chhattisgarh CM house) सहित सेक्टर-18 में मंत्रियों व अफसरों के बंगलों का निर्माण जारी है।

वर्ष 2014 में मंत्रालय और अन्य मुख्यालयों की शिफ्टिंग के बाद भी उम्मीद जताई जा रही थी कि कम से कम मंत्रालय के अधिकारी यहां रहेंगे, लेकिन यह सपना भी अधूरा रह गया। हालात यह है कि मंत्रालय के अफसरों के बंगले बने पड़े हैं,लेकिन अधिकारी अभी भी दुर्ग-भिलाई से भी आना-जाना कर रहे हैं।

इन सब हालातों के मद्देनजर अब मुख्यमंत्री बंगला सहित मंत्रियों और सचिव स्तर के अफसरों के निवास का काम पूरा होने का इंतजार किया जा रहा है। वर्तमान सरकार की मंशा के मुताबिक निर्माण कार्य पूरा होते ही इन बंगलों में बिना देरी किए शिफ्टिंग की जाएगी। यह उम्मीद भी जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री व मंत्रियों की शिफ्टिंग के बाद नवा रायपुर में मूलभूत सुविधाओं में इजाफा होगा और बसाहट आएगी।

सेक्टर-27 और सेक्टर-29 में बसाहट
नवा रायपुर में कुल 40 सेक्टर हैं, जिसमें सेक्टर-27 और सेक्टर-29 में हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों में बसाहट आ चुकी है। बाकी सेक्टरों में प्लॉट की बिक्री लंबे समय से जारी है, लेकिन बसाहट के इंतजार में बाकी सेक्टर वीरान पड़े हुए हैं।

मंडल के सामने बड़ी चुनौती
मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद आरपी मंडल को नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) का चेयरमेन बनाया गया है। इससे पहले उन्होंने पीडब्ल्यूडी में भी लंबी सेवाएं दी है। अधोसंरचना में उनकी उपलब्धियों के बाद अब नवा रायपुर में बसाहट, सुविधाएं और शिफ्टिंग को लेकर चुनौती है।

विधानसभा भवन की लागत 275 करोड़
नवा रायपुर के सेक्टर-19 में विधानसभा भवन की लागत 275 करोड़ 76 लाख रखी गई है। हाल ही में राज्य सरकार ने परियोजना के प्रस्ताव पर हरी झंडी दी। विधानसभा भवन का निर्माण मुख्य रूप से भूतल-प्रथमतल-द्वितीय तल के रूप में किया जाएगा। भूतल में विधानसभा की कार्यवाही के लिए सदन, विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय, मंत्रियों के कक्ष, विधानसभा उपाध्यक्ष के कार्यालय, नेता प्रतिपक्ष का कार्यालय, समिति बैठक कक्ष और अधिकारियों के कक्ष का निर्माण किया जाएगा। प्रथम तल में विधानसभा सदन की गैलेरी का निर्माण किया जाएगा। जिसमें मुख्य रूप से मीडिया, पब्लिक और अति विशिष्ट जनों को प्रवेश दिया जाएगा। प्रथम तल में ही 200 सीटर कॉन्फ्रेंस हॉल का निर्माण किया जाएगा।

नवा रायपुर में अभी यह प्रमुख सुविधाओं अभी नहीं
1. हॉस्पिटल, क्लीनिंग
2. स्कूल, कॉलेज
3. ऑटो पाट्र्स सेंटर
4. आवासीय सेक्टरों में रोजमर्रा की जरूरतों के दुकान
5. किराना की मल्टीस्टोर रिटेल दुकानें

मुख्यमंत्री, मंत्रियों व अफसरों के निवास का काम तेज गति से जारी है। वर्तमान स्थिति में 30 से 35 फीसदी काम पूरा हो चुका है। जून-जुलाई 2021 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ज्ञानेश्वर कश्यप, चीफ इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग