बच्चे और खासकर किशोरवय के हाथों में मोबाइल व लैपटाप देने वाले अभिभावक सावधान हो जाएं। बच्चों को ज्ञान बढ़ाने आपकी ओर से दी गई यह सुविधा आपके व आपके बच्चे के लिए बड़ी मुसीबत का कारण भी बन सकती है। समय का तकादा है, आज के दौर में मोबाइल व इंटरनेट बच्चों की जरूरत का अनिवार्य हिस्सा बन गया है, मगर बच्चों के कदम डिगे न इसके लिए हमेशा सतर्क और जागरुक रहनेे की जरूरत अभिभावकों को है। गुरुवार को ग्राम सोमनी में 13 साल के नाबालिग द्वारा चार साल की मासूम बच्ची के साथ अनाचार की घटना अभिभावकों की ऐसी ही लापरवाही का नतीजा कहा जा सकता है।