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पुलिस विभाग का फरमान जारी- अगर आप भी नहीं पटाते हैं ई-चालान, तो होंगीं ये दिक्कतें

* ट्रैफिक पुलिस(Traffic Police) ने ई-चालान(E- Challan) का सिस्टम जोड़ा एनआईसी(NIC) से * ई-चालान की अनदेखी करने वाले एड्रेस बदलने और गाड़ी बेचने में होंगे परेशान

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Traffic in police

पुलिस विभाग का फरमान जारी- अगर आप भी नहीं पटाते हैं ई-चालान, तो होंगीं ये दिक्कतें

रायपुर । यातायात नियमों(Traffic Rules) का तोडऩे वाले वाहन चालकों पर सख्ती करने की तैयारी रायपुर पुलिस(Raipur Police) ने कर ली है। यातायत नियम तोडऩे वाले वाहन चालको की कैमरे से निगरानी कर विभागीय अधिकारी ई-चालान(E- Challan) उनके घर भेज रहे है।

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने ई-चालान की कार्रवाई का स्तर बढ़ा दिया है। अब नियम तोडऩे वाला जो वाहन चालक ई-चालान का जुर्माना नहीं चुकाएगा, उसकी डिटेल ऑनलाइन एनआईसी(NIC) के सर्वर में अपलोड कर दी जाएगी।

इस प्रक्रिया के बाद नियम तोडऩे वाला वाहन चालक वर्षों बाद भी यदि गाड़ी बेचता है या अपना पता बदलता है, तो एनआईसी सर्वर में दर्ज ई-चालान का जुर्माना चुकाने के बाद ही वो अपनी प्रक्रिया पूरी कर पाएगा। विभागीय अधिकारियों ने ई-चालान में यह नई प्रक्रिया इसलिए शुरू की है, क्योंकि ई-चालान घर पहुंचने के बाद वाहन चालक जुर्माना चुकाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे।

इस तरह से होगी परेशानी

विभगीय अधिकारियों के अनुसार ई-चालान(E- challan) जनरेट करने वाले पुलिस अधिकारीयों ने एनआईसी से अटैच होने के बाद नियम तोडऩे वाले वाहन मालिक की पूरी डिटेल ऑनलाइन अपडेट कर दी है। ऑनलाइन जानकारी अपडेट होने से वाहन स्वामी की जानकारी वर्षों तक सर्वर में सुरक्षित रहेगी। नियम तोडऩे वाले वाहन चालक जब भी वाहन संबंधित काम को लेकर आरटीओ पहुंचेगे तो उनके वाहनों की डिटेल सर्वर में डालने के बाद जांच की जाएगी। जांच के दौरान यदि ई-चालान पेंडिंग दिखाया तो विभागीय अधिकारी उसे जमा करने का निर्देश वाहन स्वामी को देंगे।

1200 ई-चालान नहीं हुए तामिल

ट्रैफिक विभाग के अनुसार राजधानी में ई-चालान प्रक्रिया 6 मार्च 2019 को लागू हुई थी। सीएम भूपेश बघेल ने राजधानी के जयस्तंभ चौक स्थित दक्ष कंट्रोल रूम में इसका उद्धाटन किया था। 6 मई से अब तक ट्रैफिक पुलिस के कर्मियों ने राजधानी के लगभग 3300 वाहन स्वामियों को यातायात नियम तोडऩे की वजह से ई-चालान जनरेट किया। इसमें से 2100 वाहन स्वामियों ने अपना ई-चालान की राशि ट्रैफिक मुख्यालय पहुंचकर जमा कर दी। 150 वाहन स्वामियों को पुलिसकर्मी फोन कर चालान राशि जमा करने का निर्देश दे रहे है। शेष 1050 वाहन स्वामी पुलिसकर्मियों को ई-चालान तामिल करवाने के लिए मिले नहीं, जिन्हें पेडिंग में अफसरों ने डाला है।

11 लाख रुपए राजस्व आया ई-चालान से

विभागीय अधिकारियों के अनुसार ट्रैफिक पुलिस ने ई-चालान(E- challan) जारी कर 11 लाख रुपए मार्च से अब तक राजस्व के रूप में अर्जित किया है। राजस्व राशि को शासकीय कार्यालय में जमा करवाया गया है। विभागीय अधिकारियों की माने तो शेष्ज्ञ बचे हुए ई-चालान की राशि जमा हो जाएगी, तो वसूली की राशि में इजाफा हो सकता है। नियम तोडऩे वाले वाहन स्वामियों को ई-चालान का जुर्माना चुकाने में आसानी हो इसलिए विभागीय अधिकारियों ने ऑनलाइन वेबसाइट ‘ई-चालान वेब जीओवी डॉट इन’(Web gov.in) शनिवार को लांच की है।

इस वेबसाइट(Website) में जाकर ई-चालान मं दर्ज यूनिक नंबर वाहन स्वामी वेबसाइट में डालेगा। यूनिक नंबर डालने के बाद वेबसाइट ओपन हो जाएगी और प्रक्रियाओं का पालन करता हुआ वाहन स्वामी क्रेडिट या डेबिक कार्ड के माध्यम से अपना ई-चालान पटा सकेगा।


रायपुर ट्रैफिक डीएसपी सतीश सिंह ठाकुर का कहना हैं - यातायात नियमों के प्रति राजधानीवासी जागरूक हो इसलिए ट्रैफिक(Traffic) में लगाातर प्रयोग किया जा रहा है। जो वाहन स्वामी नियमों का पालन नहीं करता और ई-चालान(E-challan) घर भेजने पर उसका जुर्माना नहीं चुकाता तो भविष्य में गाड़ी बेचने और नाम ट्रांसफर करवाने जैसी समस्याओं से उसे जूझना होगा। नियम तोडऩे वाले वाहन स्वामियों की जानकारी ऑनलाइन एनआईसी(NIC) के सर्वर में अपडेट की जा रही है।