1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मौसम में आया उतार-चढ़ाव, मौसमी बीमारियों से अस्पताल में भीड़, डॉक्टर दे रहे ये सलाह

raipur hospital : सर्दी, खांसी, बुखार, सिर दर्द, डायरिया जैसी बीमारियां की समस्या लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। आंबेडकर अस्पताल, जिला अस्पताल पंडरी व कालीबाड़ी, शिशु अस्पताल की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

2 min read
Google source verification
hospital_.jpg

रायपुर। दीपावली के बाद से राजधानी सहित आसपास के क्षेत्र में हल्की ठंड बढ़ी है। इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ा है। सबसे ज्यादा बच्चे व वृद्ध प्रभावित हो रहे हैं। (raipur hospital) सर्दी, खांसी, बुखार, सिर दर्द, डायरिया जैसी बीमारियां की समस्या लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। आंबेडकर अस्पताल, जिला अस्पताल पंडरी व कालीबाड़ी, शिशु अस्पताल की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

ओपीडी में 30 फीसदी तक मौसमी बीमारी के मरीज बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है, मौसम बदलने पर स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। ऐसे में उसके बचाव पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। लोग अपने साथ बच्चों व बुजुर्गों को ठंड से बचाएं। साथ ही गर्म कपड़ों, गर्म खाना और पानी का सेवन करें। लक्षण देखने पर डॉक्टरों का परामर्श ले और इलाज कराएं।

लगातार बढ़ रहे डेंगू व पीलिया के मरीज: बारिश खत्म होने के बाद अब डेंगू व पीलिया का प्रकोप बढ़ते जा रहा है। अस्पतालों में इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े स्थिर हैं। बीते कुछ दिनों से डेंगू के मरीज अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। हाल ही में एक गंभीर मरीज को अभनपुर के पास एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस साल डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या सिर्फ 50 बताया रहा है। डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर कई संस्थाएं सीएमएचओ और नगर निगम को ज्ञापन सौंपकर आम जनता को इससे निजात दिलाने की भी मांग कर रही है।

आंबेडकर अस्पताल के मेडिसीन विभाग के विशेषज्ञ डॉ. वाई मल्होत्रा ने बताया, दीपावली के बाद से वायरल फीवर के साथ सर्दी-खांसी के मरीज बढ़ गए हैं। मौसम में भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कभी ठंड तो कभी गर्मी के कारण भी स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव पड़ रहा है। इसके कारण 30 से 40 फीसदी तक मरीज बढ़ गए हैं। इससे बचाव के लिए मास्क का उपयोग करें। यह वायरल फीवर होता है। ऐसे में इसके बचाव के लिए मास्क का उपयोग जरूरत हो जाता है।


आंबेडकर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कनक रमलानी ने कहा कि सर्दी, खांसी, बुखार के साथ बच्चे अस्पताल पहुंच रहे हैं। सभी वर्ग के बच्चों में यह दिक्कत दिखने को मिल रही है। बारिश लेट तक होने से सूखी खांसी ज्यादा देखने को मिल रही है। बच्चों को अच्छे पोषण के साथ गर्म भोजन दें। इसके अलावा ठंड से बचाव के लिए पूरे कपड़े पहनाए।

Story Loader