रायपुर.
प्रदेश में धान खरीदी को लेकर भाजपा-काग्रेस में सियायत गर्म है। भाजपा के केंद्रीय मंत्री से लेकर प्रदेश के विधायक तक धान खरीदी को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमला बोल रहे हैं। सोमवार को पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने एकात्म परिसर में प्रेस कांफ्रेस में कहा, दो दिन पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल आए थे, चूंकि धान छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री धान खरीदी को लेकर आधी-अधूरी और राजनीतिक बात करते हैं। धान खरीदी उनके एजेंडे में नहीं है। एक करोड़ 60 लाख मीट्रिक टन धान लेने का पहले केंद्र ने कहा है। 86 लाख टन धान केंद्र द्वारा लेने पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि विश्व युद्ध चल रहा है इसलिए केंद्र धान ले रहा है। 11 लाख मीट्रिक टन में धान में 14 लाख टन धान बना लेते हैं, ये उनका कौन सा जादू है ? कहां से वो धान लाएंगे पीडीएस के लिए ?
अजय चंद्राकर ने कहा, मुख्यमंत्री अपने उत्पादक विभाग का अकड़ा सुधरवा दीजिए। फिर धान खरीदिए। आपको परेशानी क्या है ? आप धान तस्करी को बढ़ावा देने के लिए बायोमेट्रिक का विरोध कर रहे हैं। 28 महीने कोरोना में 5 किलो चावल कौन खाया है। मुख्यमंत्री उसकी जांच कराएंगे क्या ? 24 मार्च को जांच रिपोर्ट विधानसभा में रखी जानी चाहिए थी। लेकिन साजिश के तहत सत्र को एक दिन पहले ही समाप्त करवा दिया गया।