
Board Exam Paper Leak: @अनुराग सिंह। माध्यमिक शिक्षा मंडल 12वीं बोर्ड परीक्षा के लीक हुए हिंदी प्रश्न पत्र ने सिर्फ परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े नहीं किए हैं, बल्कि अकादमिक कैलेंडर को भी पटरी से उतार दिया है। पहले जहां मई के पहले सप्ताह तक परिणाम जारी होने की उम्मीद थी, वहीं अब यह समयसीमा खिसकती नजर आ रही है।
मंडल द्वारा दोबारा 10 अप्रैल को हिंदी की परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है, लेकिन इस फैसले ने लाखों परीक्षार्थियों को नई दुविधा में डाल दिया है। गणित, जीव विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के छात्र अब यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें या फिर हिंदी विषय की दोबारा परीक्षा के लिए समय निकालें।
दरअसल, हाल के वर्षों में मंडल ने वर्ष में दो बार परीक्षा कराने की पद्धति लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, ताकि छात्रों को बेहतर अवसर मिल सके। लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं ने इस पूरी व्यवस्था की गति को प्रभावित किया है। अब सवाल यह है कि क्या मंडल तय समयसीमा के भीतर दोनों परीक्षाएं और परिणाम घोषित कर पाएगा।
इसका सबसे ज्यादा नुकसान विद्यार्थियों को झेलना पड़ेगा। हिंदी विषय की दोबारा परीक्षा होने से परीक्षा के रिजलट भी देरी से आएंगे। जहां पहले रिजल्ट 10 मई के आसपास जारी होता था। अब इसके जून में आने की संभावना है। इसका असर खासकर उन पर ज्यादा पड़ेगा जो मेडिकल, इंजीनियरिंग और एमबीए जैसे कोर्सों में प्रवेश की तैयारी कर रहे हैं।
पुलिस प्रदेश के अलग-अलग जिलों के विद्यार्थियों से पूछताछ कर रही है। इसमें रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ जैसे जिले शामिल हैं। इस दौरान उनके मोबाइल की जांच की गई और बयान लेने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है। लेकिन पुलिस अब तक टेलीग्राम ग्रुप में प्रश्नपत्र फारवर्ड करने वाले तक नहीं पहुंच पाई है।
राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं अप्रैल से ही शुरू हो रही हैं। हिन्दी का पेपर जहां 10 अप्रैल को होगा। उससे पहले ही 2 से 8 अप्रैल तक जेईई मेन के पेपर होंगे। उसके बाद 17 मई को जेईई एडवांस्ड, 3 मई को नीट यूजी परीक्षा, 11 से 31 मई तक काॅमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट परीक्षा, 4 मई को आईपीमैट और एनपैट परीक्षा होगी। ऐसे में जेईई की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को काफी दिक्कते होंगी।
एक्सपर्ट व्यू…
पेपर लीक दुखद है, परीक्षा की पूरी व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए। दोबारा पेपर से बच्चों पर अनावश्यक तनाव बढ़ेगा। यह समय परीक्षा से फ्री होकर प्रतियोगी परीक्षा पर ध्यान देेने का होता है। अभी बच्चे जेईई-नीट की परीक्षा में बैठेंगे।
बाकि बच्चों की तुलना में उनकी स्थिति डाउन हो सकती है। उनका मोरल भी डाउन रहेगा। पैरेंट्स को बच्चों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। ऐसी स्थिति में कुछ किया भी नहीं जा सकता है। बच्चे समय का प्रबंधन सही तरीके से करें। पढ़ाई के साथ माइंड फ्रेश भी रखें।
Published on:
29 Mar 2026 09:11 am
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