
छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल पहुंचे सोनिया गांधी से मिलने, कहा- गठबंधन सरकार में होता है ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला
रायपुर. केंद्र सरकार ने राज्य से 2021-22 में 61.65 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदी की सहमति दी है। मगर, इस बार भी केंद्र सिर्फ अरवा चावल लेगी। जिसे लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हमला बोलते हुए कहा है कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है। पिछले साल जितनी सहमति दी थी, उतना चावल नहीं लिया। इस साल अरवा चावल के क्वालिटी कंट्रोल के नियम को सख्त कर दिया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से उसना चावल लेने की मनाही कर दी, कह रहे हैं अरवा ही लें। तो उसना चावल का हम क्या करेंगे? एक तरफ केंद्र सरकार ने ही उसना राइस मिल को बढ़ावा दिया था। उसना राइस मिल लग गईं, अब कह रहे हैं चावल नहीं खरीदेंगे। एक तरफ बढ़ा रहे हैं, दूसरी तरफ न खरीदने की बात कह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसानों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि कल-परसों केंद्र से चि_ी आई है, हम फिर से मांग करेंगे।
किसानों का एक एक दाना खरीदे सरकार: साय
उधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2021-2022 में छत्तीसगढ़ के कोटे में 100 लाख टन से अधिक धान से निर्मित 61.65 लाख मीट्रिक टन चावल लेने की सहमति दिए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार को अब केंद्र के खिलाफ मिथ्या प्रलाप से बाज आकर किसानों के हित में ईमानदारी से काम करने की जरुरत है। प्रदेश सरकार 1 नवंबर से धान खरीदी की तैयारी शुरू करे।
समय पर धान खरीदी के साथ धान का समयबद्ध परिवहन और उठाव करके धान संग्रहण केंद्रों में स्थानाभाव का संकट पैदा न होने दे और समय पर कस्टम मिलिंग कराकर, केंद्रीय पूल में समय पर चावल जमा करने की व्यवस्था अभी से सुनिश्चित करे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार 2500 रुपए का वादा कर 390 रुपए प्रति क्विंटल डकार रही है।
Published on:
12 Oct 2021 08:05 pm
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