
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के लोगों को एक और बड़ा तोहफ दिया है, सीएम भूपेश एक मई को मुख्यमंत्री मितान योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत सरकारी सेवाओं का घर पहुंच सुविधा प्रारम्भ किया जायेगा। यह योजना सरकारी सेवा प्रणाली के तहत कार्य करेगी। जिसके द्वारा लोगों को सरकारी सेवाएं घर बैठे मिलेंगी।
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री मितान योजना 2022 के तहत जनता सभी सरकारी दस्तावेजों को घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना से छत्तीसगढ़ के लोगों को जाति और निवास प्रमाणपत्र इसके अलावा सूचना और राशन कार्ड जैसी अन्य सेवाएं भी लोगों के घर-घर पहुंचाई जाएगी। वर्तमान में लोगों को जाति निवास प्रमाण पत्र के लिए अपने ब्लॉक नगर निगमो परिषद, तहसीलों और अन्य सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक चक्कर लगाने पड़ते हैं लेकिन मुख्यमंत्री मितान योजना के शुभारंभ के बाद लोग अपने घर पर ही इन सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे।
मितान स्कीम के तहत सहायक मित्र को तैनात किया जाएगा जो लोगों के घर-घर जाकर सभी औपचारिकताएं पूरी करेंगे, सेवाएं शुल्क लेंगे और इन प्रमाण पत्रों को घर पहुंचाएंगे। मुख्यमंत्री मितान योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने 10 करोड़ रूपये का प्रारम्भिक प्रावधान किया है।
मुख्यमंत्री मितान योजना 2022 का उद्देश्य
सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि योजना के तहत लोगों को उनके घरों पर राशन कार्ड व अन्य सेवाओं पर जाति और आदिवासी प्रमाण पत्र सूचना और इसकी प्रमाणित प्रतियाँ प्राप्त हो। उस उद्देश्य के लिए राज्य सरकार अगले वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री मितान योजना शुरू करेगी।
अब लोगों को अपने जिलों में संबंधित ब्लॉक, नगर निगमों, नगर परिषदों, तहसीलों और अन्य सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इससे मजदूर वर्ग, किसानों, दिहाड़ी मज़दूरों और महिलाओं को आसानी होगी।
डोर स्टेप सर्विस डिलीवरी
यह योजना सुनिश्चित करेगी कि लोगों को उनके घर पर बिना परेशानी प्रमाण पत्र मिले। इसके लिए लोगों को एक हेल्प लाइन नंबर पर कॉल करना होगा और फिर उनके घर पर मोबाइल सहायक आ जाएंगे। वे सभी विवरण एकत्र करेंगे, सूचनाओं को संशोधित करेंगे, दस्तावेजों को सत्यापित करेंगे और फिर प्रमाण पत्र जारी करेंगे। यह सारी प्रक्रियाएं एक निर्देशित समय अवधि में की जाएगी। घर पर आने वाले मोबाइल सहायक सेवाएं प्रदान करने के लिए सेवा शुल्क (100 से कम) लेंगे।
मौजूदा व्यवस्था के तहत लोगों को जाति और अन्य दस्तावेजों से संबंधित प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों में कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे मजदूर वर्ग किसानों, दिहाड़ी मज़दूरों और महिलाओं को असुविधा होती है और काफी समय भी बर्बाद होता है। लेकिन इस योजना से सभी को लाभ मिलेगा।
Published on:
30 Apr 2022 09:09 pm
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