
अनिवार्य सेवानिवृति के मामलों में रमन कैबिनेट ने लिया ये बड़ा फैसला
रायपुर . भारतीय जनता पार्टी में टिकट वितरण को लेकर जोर आजमाइश का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की विकास यात्रा के दौरान टिकट के दावेदार खुलकर सामने आ रहे हैं। दावेदार सीएम से लेकर संगठन के बड़े नेताओं से संपर्क साधने में लगे हैं। एेसे समय ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने साफ शब्दों में कहा दिया है कि टिकट वितरण की जिम्मेदारी संगठन की है। मुझे टिकट देना है या नहीं यह बात भी संगठन तय करेंगे।
विकास यात्रा पर रवाना होने से पहले पत्रकारों से चर्चा के दौरान जब उनसे टिकट वितरण में फेरबदल की संभावना पर सवाल किया गया है, तो मुख्यमंत्री ने कहा, यह मेरा काम नहीं है। मेरा काम तो विकास करना है। यह काम संगठन करते आया है। अब वो मुझे टिकट देते हैं कि नहीं यह भी वो ही तय करेंगे। मुख्यमंत्री का यह बयान इसलिए भी अहम है कि क्योंकि पिछले साल कोरबा में हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव सरोज पाण्डेय ने कहा था कि चुनाव के बाद सीएम का चेहरा तय होगा। यह बयान काफी चर्चा में रहा था।
इस बैठक में सीएम को कहना पड़ा था कि २०१८ में चौथी बार बीजेपी की सरकार बनना तय है, लेकिन सीएम कौन बनेगा इसकी गारंटी नहीं लेता। सीएम के बयान कांग्रेस महामंत्री शैलेष नितिन त्रिवेदी का कहना है कि भाजपा में संगठन नहीं, बल्कि कुछ नेताओं की चौकड़ी टिकट तय करती है। रमन सिंह का मुख्यमंत्री बनना, अभिषेक और सरोज पाण्डेय को टिकट मिलना इसी चौकड़ी का फैसला है।
जुलाई में सौदान सिंह के सामने दावेदारों का होगा शक्ति-प्रदर्शन
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ने कई स्तर पर सर्वे का काम पूरा कर लिया है। संगठन, आरएसएस के साथ-साथ आइबी की रिपोर्ट भी पार्टी के पास पहुंच गई है। एेसे में पार्टी ने नए दावेदारों की खोजबीन भी अपने स्तर पर शुरू कर दी है। इसमें विकास यात्रा सबसे अहम भूमिका निभा रहा है। वहीं अब जुलाई में पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह भी कार्यकर्ताओं का मन टटोलने के लिए जिलों में जाने की तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि इस दौरान जिलों में दावेदार शक्ति प्रदर्शन करेंगे।
बूथ और शक्ति केंद्रों की भूमिका होगी सबसे अहम
विधानसभा चुनाव जीतने के लिए पार्टी ने अपना सारा फोकस बूथ और शक्ति केंद्रों पर लगा दिया है। हर जिलों में बूथों को सक्रिय किया जा रहा है। इसके अलावा मोर्चा-प्रकोष्ठों को भी बूथों तक जाने की हिदायत दी गई है। एेसे में इस बार टिकट वितरण में जिलों की तुलना में बूथ और शक्ति केंद्रों की भूमिका सबसे अहम होगी। माना जा रहा है कि पार्टी बूथ और शक्ति केंद्रों में जाकर जीत सकने वाले दावेदारों की तलाश करेगी।
Published on:
31 May 2018 07:25 pm
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