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Petrol Diesel Crises: छत्तीसगढ़ में गहराया फ्यूल संकट, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के काफिले में कटौती, तीन-चार दिनों से कई जिलों में सप्लाई चेन टूटी

Petrol Diesel Crises: पेट्रोलऔर डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने से कई जिलों में परेशानी बढ़ गई है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, वहीं लोगों में ईंधन खत्म होने की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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Petrol Diesel Crises

पेट्रोल पंप में लगी भीड़ (Photo Patrika)

Petrol Diesel Crises: @अजय रघुवंशी। सीएम विष्णु देव साय ने हाल ही में वैश्विक ऊर्जा संकट और ईंधन संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए अपने काफिले (कारकेड) में कटौती का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने मंत्रियों और आम जनता से भी पेट्रोल-डीजल के संयमित उपयोग की अपील की है। लेकिन इस आदर्श पहल के बीच, प्रदेश की जमीनी हकीकत चिंताजनक हो गई है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में पिछले तीन-चार दिनों से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे आम जनता को भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के 300 से अधिक पेट्रोल पंप वर्तमान में पूरी तरह खाली हो चुके हैं।

Petrol Diesel Crises: पंपों में लगी लम्बी लाइन

रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों में स्थिति फ्यूल इमरजेंसी जैसी बनी हुई है। जिन चुनिंदा पंपों पर स्टॉक बचा है, वहां सुबह से ही राशन की दुकान जैसी लंबी कतारें लग रही हैं। एचपी और अन्य कंपनियों के कई पंपों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जबकि ग्रामीण इलाकों के स्टेशनों पर नो स्टॉक के बोर्ड लटक रहे हैं।

बलौदाबाजार से बस्तर तक 'सूखे' जैसे हालात

बलौदाबाजार के संडी क्षेत्र सहित पूरे जिले में किसान और आम लोग सुबह 4 बजे से ही कतारबद्ध हो रहे हैं। कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका से किसान ट्रैक्टर और अन्य मशीनों के लिए डीजल जुटाने में मशक्कत कर रहे हैं। रायपुर के शहरी क्षेत्रों में डिमांड बढ़ने से आपूर्ति और मांग का संतुलन बिगड़ गया है। ट्रांसपोर्टर्स, टैक्सी चालक और बस ऑपरेटरों के पहिए थमने की कगार पर हैं।

प्रदेश में रोजाना 200 टैंकरों की खपत

छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, सामान्यतः प्रदेश में रोजाना 200 टैंकरों की खपत होती है, लेकिन किल्लत की अफवाह और सप्लाई बाधित होने के कारण यह डिमांड अचानक 250 टैंकरों तक पहुंच गई है। सप्लाई चेन प्रभावित होने और मांग में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी ने संकट को और गहरा दिया है।

प्रशासन अलर्ट: जमाखोरी पर होगी सख्त कार्रवाई

हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। डीजल की बिक्री के लिए प्रति वाहन 300 से 400 लीटर की सीमा (लिमिट) तय की गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि संदिग्ध फ्यूल स्टेशनों की एक माह की सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा सकती है। जमाखोरी पाए जाने पर संबंधित डीलर के खिलाफ एफआईआर और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई होगी।

वर्जन

कुछ दिनों से पेट्रोलियम पदार्थों की डिमांड भी बढ़ी है। एसोसिएशन ने आम नागरिकों के साथ व्यवसाय क्षेत्र से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे जरूरत के मुताबिक ही पेट्रोलियम पदार्थ लें। अनावश्यक संग्रहण करने की आवश्यकता नहीं है। इससे भी अव्यवस्था उत्पन्न हो रही है।

अखिल धगट , प्रदेशाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन