
Election commission
रायपुर. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। पिछले दिनों आयोग ने बैठक लेकर चुनाव कार्य से जुड़े अफसरों को आदर्श आचार संहिता का पाठ पढ़ाया। इस दौरान जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों को बताया गया कि किसी भी निर्वाचन के लिए भारत निर्वाचन आयोग से प्रेस-विज्ञप्ति जारी होते ही आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो जाएगी। प्रेस-विज्ञप्ति और निर्वाचन की अधिसूचना के बीच तीन सप्ताह से अधिक का अंतराल नहीं होगा।
इस दौरान नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर आदर्श आचार संहिता के अंतर्गत जिला निर्वाचन अधिकारियों के दायित्वों की जानकारी भी दी गई। वहीं चुनाव सभा करने, सत्ताधारी दल द्वारा किए जाने वाले कार्य, प्रशासनिक तंत्र के लिए निर्धारित नियम और प्रावधानों के अनुपालन, वाहन के उपयोग, आदि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
सभी निगम-मंडल आएंगे दायरे में
भारत निर्वाचन आयोग के अंतर्गत केवल शासन और उसके विभाग ही आदर्श आचार संहिता के दायरे में नहीं आते, बल्कि वे सभी आयोग, निगम, मण्डल, प्राधिकरण और समितियां भी संहिता के प्रावधानों के परिपालन के लिए बाध्य हैं, जिन्हें केन्द्र अथवा राज्य शासन से कोष उपलब्ध होता है। नगरपालिका, नगरनिगम और पंचायत जैसी संस्थाएं अब संवैधानिक महत्व की जनप्रतिनिधि संस्थाएं हैं। यदि आदर्श आचार संहिता के प्रभावशील रहते संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप इनकी बैठक आवश्यक हो तो उस पर रोक नहीं होगी, लेकिन ऐसी बैठक में कोई नीतिगत निर्णय नहीं लिया जाएगा।
इन पर लागू होगी आचार संहिता
- सभी राजनीतिक दल और प्रत्याशियों पर
- सत्ता पक्ष के राजनीतिक पदाधिकारियों, मंत्रियों आदि पर
- निर्वाचन कार्य से जुड़े समस्त प्रशासनिक अमले पर
Published on:
14 Sept 2018 08:05 pm
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