27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर से बार-बार आने वाले कॉल को बंद कराने शिकायत की, दूसरी ओर से साइबर ठगों ने ओटीपी पूछकर ठग लिया

राजेंद्र नगर इलाके में फार्मा कंपनी का मैनेजर हुआ ऑनलाइन ठगी का शिकार

2 min read
Google source verification
क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर से बार-बार आने वाले कॉल को बंद कराने शिकायत की, दूसरी ओर से साइबर ठगों ने ओटीपी पूछकर ठग लिया

क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर से बार-बार आने वाले कॉल को बंद कराने शिकायत की, दूसरी ओर से साइबर ठगों ने ओटीपी पूछकर ठग लिया

रायपुर. शहर में ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। साइबर ठगों ने दो और लोगों को ठग लिया। राजेंद्र नगर इलाके में क्रेडिट कार्ड की विभिन्न सुविधाओं को शुरू कराने के लिए बार-बार आने वाले कस्टमर केयर के फोन से परेशान होकर एक व्यक्ति ने उसकी शिकायत की, तो दूसरी ओर से साइबर ठगों ने ओटीपी पूछकर उनके खाते से 70 हजार रुपए से अधिक निकाल लिया। मामले की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के नाम से अपराध दर्ज कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक शिवोम विहार अमलीडीह निवासी प्रकाश सरोदे एक फार्मा कंपनी के एरिया मैनेजर हैं। उनके पास एसबीआई का क्रेडिट कार्ड है। इसमें जनरल इंश्योरेंस की सुविधा देने के लिए कस्टमर केयर नंबर 39020202 से बार-बार फोन आ रहा था। इससे परेशान होकर उन्होंने यह सुविधा हटाने के लिए कहा। इसके बाद 1 फरवरी को उनके पास दोपहर को एसबीआई कस्टमर केयर नंबर 39020202 से कॉल आया। फोन करने वाली युवती ने प्रकाश की पूरी जानकारी जैसे जन्मतिथि, परिजनों के नाम व खाते से हुए ट्रांजेक्शन आदि की जानकारी दी। इससे उसे भरोसा हो गया। इसके बाद युवती ने उनसे कहा कि इंश्योरेंस का हर माह मासिक भुगतान 550 रुपए करना होगा। इससे प्रकाश नाराज हो गया। फिर युवती ने इस सुविधा को हटा देने का आश्वासन दिया। इसके लिए मोबाइल में एक ओटीपी भेजा। प्रकाश ने युवती को भी ओटीपी बता दिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से दो बार में 78 हजार 911 रुपए निकल गए। इसकी शिकायत के बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।

ट्रांजेक्शन की जानकारी कैसे पहुंची

ग्राहकों की जानकारी क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंकों के पास ही रहती है। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड के ट्रांजेक्शन और अन्य जानकारियां भी उन्हीं के पास होती है। प्रकाश से ठगी के मामले में हैरान करने वाली बात है कि फोन करने वाली युवती को उनके ट्रांजेक्शन डिटेल और उनसे संबंधित हर जानकारी थी। आखिर युवती तक यह जानकारी कहां से पहुंची? बैंक वाले और पुलिस वाले इस संबंध में कुछ नहीं बोल पा रहे हैं।