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देश के आठवें जैव प्रौद्योगिकी पार्क को लेकर असमंजस बरकरार, जानिए वजह

छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में प्रस्तावित देश के आठवें जैव प्रौद्योगिकी पार्क पर नई सरकार आने के बाद भी असमंजस बरकरार है।

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रायपुर. छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में प्रस्तावित देश के आठवें जैव प्रौद्योगिकी पार्क पर नई सरकार आने के बाद भी असमंजस बरकरार है। आलम यह है कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने अबतक सरकार को प्रस्ताव नहीं भेजा है। वहीं, जैव प्रौद्योगिकी प्रौन्नत सोसायटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश चंदेल के अुनसार 10 फरवरी को गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित की गई है, जिसमें इसमें चर्चा होना संभावित है। इसी बीच निर्माण के प्रथम चरण के लिए केंद्र सरकार से 5 करोड़ रुपए पहले ही आवंटित हो चुके हैं, जबकि राज्य के 6.50 करोड़ रुपए का बजट नई सरकार की मंशा पर निर्भर करता है।

वहीं, इसके लिए केंद्र, राज्य और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आइजीकेवी) के बीच हुए समझौते के बाद पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने दो जगहों पर 25 एकड़ भूमि आवंटित कर दी थी। इसमें 2 एकड़ में इंक्यूबेशन सेंटर की जगह आइजीकेवी परिसर और 23 एकड़ जमीन मुनगी गांव में दी गई है। इसकी बिल्डिंग का डिजाइन भी तैयार किया जा चुका है। ऐसे में जानकार बजट आवंटन के बाद निर्धारित समय में निर्माण को लेकर आशंका जता रहे हैं।

मुनगी में होगा बिजनेस इंटरप्राइज जोन
द्वितीय चरण में आरंग तहसील के ग्राम मुनगी में 23 एकड़ भूमि पर बिजनेस इंटरप्राइज जोन की स्थापना की जाएगी। यहां अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से बड़ी इंडस्ट्रीज द्वारा इजाद उत्पादों की जांच की जा सकेगी। साथ ही कंपनियां उपकरण का उपयोग निश्चित रेवेन्यू देकर कर सकेंगी। कृषि में नवाचार के साथ रोजगार का सृजन हो सकेगा। इसके निर्माण में बिल्डिंग बनाने का खर्च राज्य सरकार और उपकरणों की उपलब्धता का जिम्मा केंद्र सरकार का होगा।

प्रथम चरण में इंक्यूबेशन सेंटर
छत्तीसगढ़ में जैव प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए बन रहे इस पार्क का निर्माण दो वर्षों में करना है। प्रथम चरण में 30 करोड़ की लागत से बायोटेक इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। इससे आविष्कारकों, इंडस्ट्री और आंत्रप्रेन्योर के लिए 15-20 छोटी-बड़ी लैबों का निर्माण किया जाएगा। इनकी सहायता से कृषि विज्ञान के क्षेत्र में नई तकनीकों का समागम किया जा सकेगा। पार्क से जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित उद्योगों की स्थापना के साथ ही अनुसंधान कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा।

10 फरवरी को होगी बैठक
बॉयोटेक्नोलॉजी पार्क, रायपुर मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा, हमारी ओर से शासन को एक दो दिन के भीतर ही पार्क के संदर्भ में पत्र प्रेषित किया जाएगा। साथ ही 10 फरवरी को गवर्निंग काउंसिल की बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें विभागीय मंत्री के समक्ष इस मुद्दे को रखा जाएगा। इसके बाद ही आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।