
कोरोना इफेक्ट: छत्तीसगढ़ के कारोबारी नहीं जाएंगे चीन, करोड़ो का व्यापार होगा प्रभावित, मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
छत्तीसगढ़ में सालाना 20 हजार करोड़ से अधिक का व्यापार
फैक्ट फाइल
प्रदेश में चाइना से आयात- 20000 करोड़ से अधिक (सालाना)
इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद- 50 से 60 फीसदी
रायपुर. कोरोना संक्रमण काल में छत्तीसगढ़ के सैंकड़ों व्यापारी अब चीन जाने से कतरा रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह संक्रमित होने का डर है। छत्तीसगढ़ में चीन से मूर्तियों से लेकर किचन, बेडरूम तक के सामान आयात होते हैं। कारोबारी संगठनों के मुताबिक प्रदेश में चीन से आयात होने वाले उत्पादों का टर्नओवर 20 हजार करोड़ से अधिक बताई जा रही है। त्यौहारी सीजन की तैयारियां कारोबारी दो से तीन महीने पहले करते हैं। इस सीजन में 8 से 10 हजार करोड़ के उत्पाद चीन से आयात होते हैं। वर्तमान स्थिति में चीन से सिर्फ 5 से 10 फीसदी माल आयात हो रहा है। ऐसे कई उत्पाद है, जिसके कंसाइनमेंट को कारोबारी चीन जाकर ही फाइनल करते हैं। इसमें इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, फर्नीचर, खिलौने, गिफ्ट आयटम्स, घडियां, कपड़े, सौंदर्य उत्पाद, स्टेशनरी, किचन उपकरण, सजावटी समान आदि शामिल हैं। कोरोना के डर की वजह से इन उत्पादों का आयात प्रभावित होगा। इससे लोगों में घरेलू उत्पादों पर भरोसा बढ़ेगा। कारोबारियों के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में चीन से अरबों का उत्पाद प्रभावित होगा, लेकिन देश के भीतर भी इसकी उपलब्धता बरकरार रखने के लिए घरेलू उद्योगों को भी बड़ा मौका मिल सकता है। मेक इन इंडिया का सपना साकार हो सकता है। इसके लिए कारोबारियों को सरकारी मदद की भी आवश्यकता पड़ेगी, ताकि नए उद्योगों को शुरू होने का मौका मिल सके। राजधानी के इलेक्ट्रिकल औ इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों का कहना है कि चाइना से सामान मंगवाना मजदूरी है, क्योंकि देश के भीतर सस्ती कीमत पर यह उत्पाद निर्मित ही नहीं होते। कई ऐसे उत्पाद भी हैं, जिसका निर्माण अभी तक देश के भीतर शुरू नहीं हो सका है।
चाइना से इन वस्तुओं का होता है आयात सबसे अधिक
इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, फर्नीचर, खिलौने, गिफ्ट आयटम्स, घडियां, कपड़े, सौंदर्य उत्पाद, स्टेशनरी, किचन उपकरण, डेकोरेटिव आयम्टस, बिल्डर हार्डवेयर, दिवाली आर्टिकल्स, ताले, लगेज सामान, पाॉलिएस्टर, केमिकल्स, सुरक्षा उपकरण, पेपर, एफएमसीजी उत्पाद, स्पोट्र्स प्रोडक्ट, मोबाइल गैजेट्स आदि।
एयरकार्गों का भाड़ा बढ़ा
कारोबारियों के मुताबिक चाइना से सामान मंगवाने के लिए एयर कार्गों का भाड़ा तीन से चार गुणा बढ़ चुका है। चुनिंदा फ्लाइट्स होने की वजह से यह स्थिति निर्मित हुई है। उदाहरण के तौर पर डेकोरेटिव आयटम्स जिसमें झालर और अन्य एलईडी शामिल हैं, इसका किराया 100 रुपए प्रति किलो से बढकर 300 से 400 रुपए हो चुका है। इसी तरह समुद्री मार्ग के जरिए भी सामान मंगवाना अब महंगा हो चुका है।
त्योहारी सीजन से बढ़ता है चीन का कारोबार
प्रदेश में गणेश चतुर्थी से चाइना का कारोबार शुरू हो जाता है, जो कि दिवाली और नए साल तक जारी रहता है। इलेक्ट्रिकल उत्पादों में झालर, स्पॉट लाइट, डेकोरेटिव आयम्टस, एलईडी, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, फर्नीचर और अन्य सजावटी सामान बड़ी तादाद में चीन से आयात होते हैं।
मेक इन इंडिया के लिए सरकार का सहयोग जरूरी
राजधानी के रविभवन व्यापारी संघ के अध्यक्ष जय नानवानी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में चीन का व्यापार 20 हजार करोड़ से अधिक होने की संभावना है। त्यौहारी सीजन में 50 फीसदी से अधिक का व्यापार होता है। वर्तमान समय में व्यापारी चीन जाने से घबरा रहे हैं। मेक इन इंडिया को फिर से खड़ा करने का मौका कारोबारियों और नए उद्यमियों के पास हैं, लेकिन इसके लिए सरकार के साथ-साथ प्रशासन का सहयोग आवश्यक है। इलेक्ट्रिकल मर्चेंट एसोसिएशन के अमरदास खट्टर के मुताबिक इलेक्ट्रिकल का बड़ा बाजार चीन पर निर्भर है। घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने से ही चाइना से मुकाबला कर पाएंगे। त्यौहारी सीजन में आयात कमजोर रहा तो डिमांड-सप्लाई में अस्थिरता की आशंका है।
Published on:
13 Jun 2020 12:50 am
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