- वार्ड क्रमांक-15 अंतर्गत संजय गांधी नगर के 20-25 परिवारों को व्यवस्थापन किया जाना है- निगम के नोटिस में जलभराव की समस्या को लेकर बस्ती का व्यवस्थापन करने का जिक्र
गुढिय़ारी के संजय गांधी नगर के लोगों को नगर निगम द्वारा पिछले दो दिनों से बस्ती खाली करने का नोटिस दिया जा रहा है। निगम के नोटिस में तीन दिनों के भीतर खुद से अगर बस्ती खाली नहीं किया गया, तो निगम अमला लोगों का व्यवस्थापन खुद करेगा। नोटिस मिलने के बाद रहवासियों ने कहा, हम विगत 40 वर्षो से यहां रह रहे हैं। जनवरी में हमने अपने पट्टे का नवीनीकरण कराया है, जिसमें निगम ने 2044 तक रहने की अनुमति दी है। इसके बावजूद अचानक हमें बस्ती खाली करने का नोटिस थमा रहे हैं। जबकि अभी हमारे बच्चों का पेपर होने के साथ-साथ त्योहार भी नजदीक है। ऐसी स्थिति में हम कोटा के बीएसयूपी कॉलोनी नहीं जा सकते हैं।
निगम के नोटिस में जलभराव का जिक्र
संजय गांधी नगर बस्ती व्यवस्थापन को लेकर नोटिस में लिखा कि नेताजी कन्हैयालाल बाजारी वार्ड अंतर्गत संजय गांधी नगर का व्यवस्थापन किया जाना है, जिसके लिए आपको पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास दिया गया है। उक्त बस्ती में जलभराव की समस्या बनी रहती है, जिस कारण बस्ती का व्यवस्थापन किया जाना अति आवश्यक है। 3 दिवस के भीतर आप कोटा चिरहुलडीह में आबंटित आवास में शिफ्ट हो जाएं, ताकि बस्ती व्यवस्थापन की कार्रवाई की जा सके। अपालन की स्थिति में 5 दिवस या नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। रहवासियों का कहना है कि हमे 23 तारीख से बस्ती खाली करने का नोटिस दिया जा रहा है।
बनिता बाई
हमलोग पिछले 40 वर्षो से यहां पर निवास कर रहे हैं, अचानक हमें कोटा जाने के लिए निगम द्वारा नोटिस दिया गया है, जबकि हमारा पूरा काम-धंधा गुढिय़ारी में है। हमें बस्ती खाली करने को कह रहे है। हम हर वर्ष राजस्व कर पटा रहे है।
मीरा बाघ, रहवासी
हम यहां से जाना नहीं चाहते हैं। हमें नई जगह बसाने से अच्छा बस्ती की समस्याओं को शासन-प्रशासन नाली, नाला का निर्माण करे। ताकि हमारे यहां जलभराव की समस्या से निजात मिल जाए। कोटा जहां हमें मकान मिल रहा है, उसमें भी निगम द्वारा पैसा मांगा जा रहा है, हमारे पास पैसा भी नहीं है।
प्रेमा बाई
जहां भेज रहे हैं, वहां पर अब अपने बच्चों की भर्ती कैसे कराएंगे। हमारे बच्चे अभी गुढिय़ारी के स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। अभी तिमाही परीक्षा होने वाला है, ऐसी स्थिति में हमें बस्ती खाली करने का नोटिस दिया गया है।