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नाबालिग से गैंगरेप के 5 आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई आखिरी सांस तक जेल की सजा

16 वर्षीय नाबालिग लड़की गैंगरेप के मामले में दोषी पाए गए पांच युवकों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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नाबालिग से गैंगरेप के 5 आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई आखिरी सांस तक की जेल की सजा

नाबालिग से गैंगरेप के 5 आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई आखिरी सांस तक की जेल की सजा

रायगढ़. रायगढ़ के लैलूंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत 24 अक्टूबर 2018 को 16 वर्षीय नाबालिग लड़की गैंगरेप के मामले में दोषी पाए गए पांच युवकों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पांचों आरोपी अपनी अंतिम सांस तक जेल में रहेंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। हांलाकि इस मामले में दो आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस अब भी छानबीन कर रही है।

पांचों दोषियों ने नाबालिग से किया था गैंगरेप
लैलूंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत अपने परिवार के साथ मेला देखने गई अनुसूचित जनजाति की नाबालिग लड़की का अपहरण कर उससे गैंगरेप करने वाले पांच आरोपियों को कोर्ट ने आखिरी सांस तक सलाखों के पीछे रहने की सजा सुनाई है। वर्ष 2019 के अंतिम दिन मंगलवार को विशेष विशेष न्यायाधीश (एस्ट्रोसिटीज एक्ट) गिरिजा देवी मेरावी की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। वहीं प्रत्येक आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।

क्या था मामला
मामले की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक एके श्रीवास्तव ने बताया कि लैलूंगा थाना क्षेत्र 16 वर्षीय नाबालिग लड़की 24 अक्टूबर की रात अपनी दीदी व गांव के लोगों के साथ पिकअप वाहन में सवार होकर ग्राम राजपुर मेला देखने गई थी। इस दौरान पीडि़ता की दीदी व गांव के अन्य लोग मेला में अलग-अलग घूम रहे थे। जबकि नाबालिग अपने रिश्तेदार के साथ घूम रही थी। दोनों घूमते-घूमते पैदल राजपुर चौक से 100 मीटर दूर पहुंच गए। तभी रात करीब तीन बजे एक सफेद रंग की कार उनके पास आकर रूकी। इसके बाद कार में से 7 लोग नीचे उतरे और खुद को आयोजन समिति का सदस्य बताकर पहले इस तरह अकेले घूमने पर आपत्ति जताई। फिर दोषियों ने मौके पर ही युवती के कथित रिश्तेदार मिनकेतन राठिया की पिटाई कर दी और दोनों को कार में बैठाकर आयोजन स्थल ले जाने के नाम पर राजपुर से 5 किमी दूर सलखिया गांव के नजदीक सुनसान जगह में ले गए। इसके बाद दोषियों ने नाबालिग व उसके रिश्तेदार को जान से मारने धमकी देते हुए वाहन से नीचे उतारा और मिनकेतन को बंधक बना लिया।
इसके बाद सभी दोषियों ने बारी-बारी से नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार किया। इसके बाद आरोपी पीडि़ता और उसके रिश्तेदार को कार में बैठाकर कुछ दूर ले गए, वहां छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने घटना के बाद इस मामले में पांच दोषियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जिसका फैसला कोर्ट ने मंगलवार को सुनाया।

इन्हें उम्रभर रहना होगा जेल में
कोर्ट ने राजेन्द्र कुमार पिता जयप्रकाश निषाद (26) निवासी ग्राम मांझापारा राजपुर, ललित सिदार पिता सुखन साय सिदार (24) ग्राम दोर्रोबीजा, हाल मुकाम पटेलपारा लैलूंगा, खीरमोहन पैंकरा पिता स्व. सुकुल राम पैंकरा (24) ग्राम रूडुकेला उपर पारा लैलूंगा, सुनील गुप्ता पिता रामोराम गुप्ता (22) ग्राम बस्तीपारा रूडुकेला लैलूंगा व गिरधारी पैंकरा पिता सहदेव पैंकरा (22) ग्राम सलखिया को सजा सुनाई है।

घटना के 15 माह बाद भी दो आरोपी फरार
घटना की चौकाने वाली बात यह है कि इस मामले में दो आरोपी हेमंत विजय उर्फ पिन्टू बेहरा पिता मोहन बेहरा व सतीश बेहरा पिता मिनकेतन दोनों निवासी सलखिया अब भी फरार हैं। जबकि घटना को करीब 15 माह बीत गए हैं। लोगों की माने तो दोषियों को राजनैतिक संरक्षण मिला हुआ है। इसलिए लैलूंगा पुलिस उन्हें पकडऩे में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।

पीडि़ता को मिलेगी मुआवजा राशि
कोर्ट ने यह आदेशित किया है कि दोषियों से दंडादेश की कुल राशि में से एक लाख रुपए पीडि़ता को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाएं। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ को भी आदेशित किया गया है कि उक्त अपराध के परिणाम स्वरूप पीडि़ता को जो शारीरिक, मानसिक हानि हुई है और चिकित्सा व्यय हुआ, उसके पुनर्वास के लिए उसे उचित मुआवजा राशि प्रदान करें।