डरी-सहमी पीडि़ता उसे रुपए देने को तैयार हो गई, जिसके बाद आरोपी नगर के निजी अस्पताल आया और पीडि़ता को लोमश ऋषि आश्रम ले गया, जहां पीडि़ता से पैसे लेकर वह चला गया। पीडि़ता को उसने बताया था कि घरवालों से बचने के लिए वह रुपए चोरी हो जाने की बात कहते हुए सफाई देने के समय चक्कर आने का नाटक करे। पीडि़ता ने कुंदन की बात मानी और एेसा ही किया। इससे परिजनों ने उससे रुपए के संबंध में ज्यादा कुछ पूछना मुनासिब नहीं समझा। 50 हजार हाथ में आने पर आरोपी की लालसा बढ़ गई और पहले तो उसने 50 हजार देकर नई बाइक खरीदी और पीडि़ता को एक बार फिर यह कहते हुए और रुपए मांगे कि अबकी बार पैसे देने पर वह दोनों की सारी आपत्तिजनक तस्वीरें उसे दे देगा, जिसके बाद वह आजाद रहेगी।