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निर्वाचन पर करोड़ों का कर्ज, विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल किए बसों का अब तक नहीं हुआ भुगतान

Election Commission : विधानसभा चुनाव के लिए फोर्स और मतदान दलों के लिए अधिग्रहित यात्री बसों का करोड़ों रुपए का भुगतान नहीं किया गया है।

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Loan On Election Commission : विधानसभा चुनाव के लिए फोर्स और मतदान दलों के लिए अधिग्रहित यात्री बसों का करोड़ों रुपए का भुगतान नहीं किया गया है। इसे लेकर बस मालिकों ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बकाया राशि देने की मांग की है। इसमें बताया गया है कि नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव निपटने के 4 महीने बाद भी बसों के किराए की राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

इसके चलते कई बस मालिकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस मालिकों द्वारा टैक्स और चालक-परिचालकों को वेतन भुगतान करने के लिए बैंकों से लोन लिया गया है। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनवर अली ने बताया कि विधानसभा चुनाव को दौरान करीब 5000 यात्री बसों का अधिग्रहण किया गया था। इसका उपयोग फोर्स और मतदान दलों के लिए किया गया था। चुनाव होने के बाद बस मालिकों द्वारा बिल जमा किया गया। लेकिन, आज तक इसका भुगतान नहीं किया गया है। बताया जाता है कि प्रत्येक बसों का न्यूतम 2 से 5 लाख रुपए तक बकाया है। बता दें कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए फोर्स और मतदान दलों के लिए बसों का अधिग्रहण किया जाना है।

करीब 5000 बसों का किया जाना अधिग्रहण

प्रदेश में करीब 200 ऑपरेटरों की करीब 9000 यात्री बस सड़कों पर चल रही है। इनका संचालन प्रदेश के विभिन्न शहरों और दूसरे राज्यों में होता है। चुनाव के दौरान चालक-परिचालक सहित 50 फीसदी से ज्यादा बसों का अधिग्रहण किया जाना है। इसके एवज में बस मालिकों को निर्धारित किराए की राशि का भुगतान किया जाता है।

नाराजगी जताई

बस ऑपरेटरों ने बताया कि नाराजगी को देखते हुए 2018 में हुए विधानसभा और 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के बकाया राशि का भुगतान 2023 में किया गया। वहीं एक बार फिर पिछले विधानसभा चुनाव में अधिग्रहित बसों का बकाया नहीं दिया गया है। बस मालिकों का कहना है कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के लिए अधिकांश बसों को दो महीने पहले ही अधिग्रहित की गई थी। वहीं इस बार भी बसों का अधिग्रहण किया जाना है। इसे लेकर ऑपरेटरों में नाराजगी है।