
Cyber Crime News Update: कम समय में ज्यादा कमाई के चक्कर में कई युवा ऑनलाइन ठगी और गेमिंग के चक्कर में पड़ रहे हैँ। इसमें कोई अपनी जमीन बेचकर पैसा लगा रहा है, तो कोई कर्ज लेकर। कई लोग इसके चलते खुदकुशी भी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा ऑनलाइन गेमिंग में युवा वर्ग बर्बाद हो रहा है। साइबर ठगी में भी 90 फीसदी मामले युवाओं के ही हैं। युवा वर्ग ही सबसे ज्यादा ऑनलाइन जॉब, शेयर ट्रेडिंग आदि के झांसे में आ रहे हैं।
साइबर ठगी की रोज कई शिकायतें पहुंच रही हैं। पुलिस के अलग-अलग थानों के अलावा साइबर सेल में ऑनलाइन ठगी की शिकायतें लेकर रोज आ रहे हैं। इनमें भी अधिकांश युवा वर्ग ही होता है। इसके अलावा ऑनलाइन शिकायतें अलग हैं, जो नेशनल साइबर क्राइम के पोर्टल पर आती है। पिछले साल 5 हजार से ज्यादा ऑनलाइन ठगी के मामले सामने आए थे। इस बार भी 6 माह में ही 2 हजार से ज्यादा शिकायतें पहुंच चुकी हैं।
ऑनलाइन गेमिंग या साइबर ठगों के चक्रव्यूह में फंस जाने के बाद भी किसी को इसकी जानकारी नहीं देते। पुलिस तो दूर अपने परिवार के लोगों को भी नहीं बताते हैं। जब पैसा पूरा खत्म हो जाता है या फिर कोई रास्ता नहीं बचता है, तब पुलिस को मामले की जानकारी देते हैं। इस कारण आरोपियों तक पहुंचना भी मुश्किल होता है।
रायपुर सहित प्रदेश में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, जुआ, लूडो और हार-जीत के अन्य खेल तेजी से बढ़े हैं। वर्ष 2019 से इसमें तेजी आई है। इसके बाद यूजर बढते गए। महादेव बुक ऐप, अरुण सक्ति, रेड्डी अन्ना आदि जैसे कई वेबसाइट और ऐप हैं, जिसमें ऑनलाइन सट्टा चलाया जा रहा है। पुलिस इनके संचालकों को पकड़ भी नहीं पा रही है।
केस-1: जशपुर के ग्राम कलिया-बनखेता गांव में रहने वाला 12वीं का छात्र सुमीत लकड़ा को ऑनलाइन गेम फ्री फायर खेलने की लत लग गई। इसमें वह काफी पैसा हार गया। इसके बाद अपने घर के पैसों को भी इसमें लगाने लगा। घर की बोरिंग की मरमत कराने के लिए उसने अपने भाई से 5 हजार रुपए लिया था। उसे भी फ्री फायर गेम में हार गया था। इससे तनाव में आकर 11 जून 2024 को उसने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
केस-2: मोवा इलाके में रहने वाले डॉक्टर सुनील देवांगन और उसके दोस्त विकास कुमार त्रिवेदी ने फेसबुक में शेयर ट्रेडिंग का विज्ञापन देखा। उसमें शेयर ट्रेडिंग के जरिए कम समय में अधिक मुनाफा देने का दावा किया गया था। दोनों उसके झांसे में आकर साढ़े तीन करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। ठगों को पैसा देने के लिए सुनील को अपनी पैतृक जमीन बेचनी पड़ी। लोन लेना पड़ा और दोस्तों से भी कर्ज लिया।
Published on:
18 Jul 2024 01:27 pm
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