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दहीमन : इस पेड़ की पत्तियां खाइए ठीक हो जाएगा कैंसर, पत्तियों पर कुछ भी लिखें… उभरकर आ जाता है सामने

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को एक पेड़ की पत्‍ती से ठीक किया जा सकता है। शायद यह पढ़कर आपको यकीन न हो लेकिन यह सच है। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में दहीमन नाम के इस पेड़ से और भी बीमारियों का उपचार होता है।

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दहीमन : इस पेड़ की पत्तियां खाइए ठीक हो जाएगा कैंसर, पत्तियों पर कुछ भी लिखें, उभरकर आ जाता है सामने

दहीमन : इस पेड़ की पत्तियां खाइए ठीक हो जाएगा कैंसर, पत्तियों पर कुछ भी लिखें, उभरकर आ जाता है सामने

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को एक पेड़ की पत्‍ती से ठीक किया जा सकता है। शायद यह पढ़कर आपको यकीन न हो लेकिन यह सच है। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में दहीमन नाम के इस पेड़ से और भी बीमारियों का उपचार होता है। जिससे अब इस विशेष किस्‍म के पौधे के सरंक्षण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

ब्लड प्रेशर और पीलिया जैसी बीमारियों को भी खत्म किया जा सकता

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में दहीमन नाम का यह पेड़ काफी चर्चा में है। इस पेड़ की पत्तियां संजीवनी बूटी का काम करती हैं। इसके सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को ठीक किया जा सकता है। अब तक कई लोगों को इसकी पत्ती से आराम भी मिला है। इसके अलावा इससे मानसिक पीड़ा, ब्लड प्रेशर और पीलिया जैसी बीमारियों को भी खत्म किया जा सकता है।

पत्तियों की खासियत भी काफी अनोखी

इस पेड़ के इन गुणों की वजह से ही अब इसके सरंक्षण की प्रकिया भी तेजी से स्टार्ट हो गई है। वन विभाग द्वारा यह इसके पौधों को दिल्ली के संसद भवन तक में भेजा जा चुका है। हालांकि अभी इस पेड़ की पहचान हर किसी को नहीं मालूम है। जिससे अभी इसकी मांग इतनी नही हुई है। इस पेड़ के पत्तियों की खासियत भी काफी अनोखी है।

तो मिनटों में उतर जाएगा शराब का नशा

दहिमन मुख्य रूप से किडनी संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए दवा बनाने में उपयोग किया जाता है। इसकी पत्ती और छाल में ऐसा गुण है कि किसी व्यक्ति को खिला दिया जाए तो मिनटों में उनका शराब का नशा उतर जाएगा। यह राज्य के जंगली क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है।

पत्तियों पर कुछ भी लिखें, उभरकर आ जाता है...

इसके पत्तों पर आप कुछ भी लिखेंगे तो उसका वह अपने आप उभर कर आ जाएगा। वहीं इसको लेकर यह भी मान्यता है कि यह आदि काल का पौधा है। उस दौर में गुप्तचरों द्वारा इस पत्ते पर संदेश अदान-प्रदान किये जाते थे। यह संदेश आज भी इन पत्तों पर साफ तौर पर दिखाई देते हैं। जिनको पढ़ना काफी आसान है।