
रायपुर शहर के बीचों-बीच डेंजर बिल्डिंग ( Photo - Patrika)
Chhattisgarh News: अजय रघुवंशी की रिपोर्ट. राजधानी के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल शारदा चौक स्थित करीब 20 वर्षों से बंद पड़ा पांच मंजिला बसंत लॉज अब लोगों के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। कभी रायपुर की पहचान माने जाने वाले इस भवन की हालत अब इतनी जर्जर हो गई है कि हर समय बड़े हादसे का डर सता रहा है।
बताया जा रहा है कि बसंत लॉज शहर के शुरुआती पांच मंजिला भवनों में से एक था, लगभग 50 वर्ष से भी ज्यादा पुराना है, लेकिन वर्षों से रखरखाव नहीं होने के कारण इसकी दीवारों से प्लास्टर और कंक्रीट लगातार गिर रहे हैं। नीचे संचालित दुकानों में आने वाले ग्राहकों और गुजरने वाले राहगीरों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। नियमों के तहत 14 दिनों के भीतर जर्जर भवनों को ठीक कराया जाना है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार नगर निगम और प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सबसे बड़ी समस्या यह है कि भवन के वास्तविक मालिक का पता नहीं चल पा रहा है। नगर निगम के रिकॉर्ड में भी भू-स्वामी की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। लोगों का कहना है कि समय रहते इस जर्जर भवन का तकनीकी परीक्षण कर इसे सुरक्षित नहीं किया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक तात्यापारा से फूल चौक चौड़ीकरण में मुआवजे के लालच में लॉज के वास्तविक मालिक किसी प्रकार का सुधार कार्य नहीं करवा रहे हैं। क्योंकि मुआवजे में इस मार्ग के भू-स्वामियों में मोटी राशि मिल सकती है। यही वजह है कि इस मार्ग में और भी कई इमारतें हैं, जिन्हें न तो रिनोवेशन कराया है और न ही किसी प्रकार का नया निर्माण कार्य कराया है।
जयस्तंभ चौक के आगे पुराने बस स्टैंड के पास स्थित बिल्डिंग भी जर्जर है। इसके नीचे भी कई दुकानें हैं।
मेयर मीनल चौबे ने कहा कि जर्जर भवनों को नोटिस दिया जा रहा है। आम लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर जोन कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे भवनों पर नियमों के तहत कार्यवाही की जाए।
जोन कमिश्नर दिव्या चंद्रवंशी ने कहा कि शारदा चौक स्थित इस भवन को लंबे समय से नोटिस जारी किया जा रहा है, लेकिन सुधार नहीं दिख रहा है।
Updated on:
10 Jul 2026 10:58 am
Published on:
10 Jul 2026 10:58 am
