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CG News : सावधान! एनर्जी ड्रिंक की जांच में मिला घातक केमिकल, हो सकता है कैंसर

Chhattisgarh News : इस एनर्जी ड्रिंक में सिंथेटिक कलर का उपयोग किया जा रहा है, जो कि स्वास्थ्य (Synthetics in Energy Drinks) के लिए हानिकारक हैं। (cg news) इससे कैंसर जैसे रोग जकड़ सकते हैं

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जितेंद्र दहिया@रायपुर. इन दिनों युवाओं में कुछ खास तरह के एनर्जी ड्रिंक्स पीने का चलन बढ़ गया है। इसका फायदा कई कंपनियां जमकर उठा रही हैं। (Chhattisgarh News) एनर्जी ड्रिंक आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। इसका खुलासा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में हुआ है। बीते दिनों विभाग ने स्टिंग नाम की एक एनर्जी ड्रिंक की सैंपलिंग राजधानी की लैब (CG News) में की थी, जिसमें यह पता चला कि इस एनर्जी ड्रिंक में सिंथेटिक कलर का उपयोग किया जा रहा है, जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। इससे कैंसर जैसे रोग जकड़ सकते हैं।

कैफिन बनाती है आदी

कुछ एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन की मात्रा (Synthetics in Energy Drinks)रहती है, जो मूल रूप से किसी भी चीज की आदी बनाती है। एनर्जी ड्रिंक में शुगर की मात्रा काफी होती है। इसको पीने से आपका शुगर लेवल बढ़ सकता है, जो आपकी सेहत के लिए हानिकारक (raipur hindi news) साबित हो सकता है। लगातार सेवन से आपको नींद न आने जैसी परेशानी भी हो सकती है। लगातार पीने से शरीर के कई अंगों में तनाव बढ़ जाता है। ज्यादा एनर्जी ड्रिंक पीने की वजह से कई बार डिप्रेशन से लेकर साधारण चिड़चिड़ाहट तक की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एनर्जी ड्रिंक्स में हाई कार्बोहाईड्रेट होता है। इसे पीने से लीवर में चर्बी जम जाती है। यह कुछ वर्षों में लीवर को डेमेज कर सकता है। इससे बच्चों में मोटापा आने की समस्या बढ़ रही है।

सिंथेटिक कलर में कार्सिनोजेन
मामले में विभाग ने कंपनी पर प्रकरण दर्ज कर लिया है। सैंपल की जांच में विभाग को मिले हानिकारक तत्वों के कारण विभाग ने आम लोगों को इसके सेवन के प्रति आगाह भी किया है। जांच में सिंथेटिक कलर में कार्सिनोजेन पाया गया है। यह कोशिकाओं में जाकर उन्हें नुकसान पहुंचाता है। इसमें मौजूद केमिकल कई बीमारियों को न्योता देते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, आर्टिफिशियल कलर ड्रिंक का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

अब पूरे प्रदेश में होगी जांच

जांच अधिकारियों के मुताबिक अब एनर्जी ड्रिंक की सैंपलिंग के लिए पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा गर्मी के सीजन में बिकने वाले समस्त तरह के पेय पदार्थों की सैंपलिंग कर लैब भेजने के निर्देश कंट्रोलर ने दिए हैं।

सॉफ्ट ड्रिंक में हानिकारक आर्टिफिशयल कलर मिलने की रिपोर्ट आई है। नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रदेशभर के एफएसओ को सभी तरह के पेय पदार्थों की सैंपलिंग कर जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

केडी कुंजाम, नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग