23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

क्या 5वीं-8वीं बोर्ड परीक्षा आवश्यक है? प्राइवेट स्कूलों ने कोर्ट में उठाया सवाल, जानिए विवाद का कारण..?

5th-8th Board Exams in CG: रायपुर में मार्च में पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं होंगी, लेकिन इस साल फिर से प्राइवेट स्कूल संचालक इससे दूरी बना रहे हैं।

2 min read
Google source verification
क्या 5वीं-8वीं बोर्ड परीक्षा आवश्यक है? प्राइवेट स्कूलों ने कोर्ट में उठाया सवाल, जानिए विवाद का कारण..?(photo-patrika)

क्या 5वीं-8वीं बोर्ड परीक्षा आवश्यक है? प्राइवेट स्कूलों ने कोर्ट में उठाया सवाल, जानिए विवाद का कारण..?(photo-patrika)

5th-8th Board Exams in CG: छत्तीसगढ़ के रायपुर में मार्च में पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं होंगी, लेकिन इस साल फिर से प्राइवेट स्कूल संचालक इससे दूरी बना रहे हैं। प्राइवेट स्कूल संचालक हाई कोर्ट भी पहुंच चुके है। पिछले साल फिर से पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू की गई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने प्राइवेट स्कूल संचालकों को राहत देते हुए शामिल होना ऐच्छिक कर दिया था।

जिसके बाद प्राइवेट स्कूल इसमें शामिल नहीं हुए। इस बार भी स्कूल संचालक राहत के लिए कोर्ट तक पहुंच चुके हैं। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि हमने पिछली बार बोर्ड परीक्षा के विकल्प के तौर पर जो सीबीएसई की सफल परीक्षा कराई थी। जिसमें पूरे स्कूल का आंकलन होता है। पुस्तक, अव्यवस्था जैसे कई कारण है जिसके कारण बोर्ड परीक्षा नहीं चाहते हैं।

5th-8th Board Exams in CG: इन कारणों से संचालक नहीं चाह रहे बोर्ड

1 : पाठ्यपुस्तक निगम से अक्टूबर तक किताबें नहीं मिली थी।
2 : 5वीं और 8वीं में बोर्ड परीक्षा किसी भी नियम-कानून में नहीं है।
3 : जब बच्चों को पास ही करना है फेल नहीं तो परीक्षा का कोई औचित्य नहीं है।
4 : परीक्षा के पेपर खुद जांचेंगे, इसमें पारदर्शिता नहीं होगी।
5 : कई जगह पिछली साल की मार्कशीट नहीं आई, व्यवस्था ठीक नहीं है।
6 : बोर्ड परीक्षा में बच्चों में मानसिक दबाव होता है।

नहीं हुई थी अतिरिक्त कक्षाएं

जानकारों ने बताया कि पिछले साल जब 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाएं हुई थी। उसके बाद फेल और सप्लीमेंट्री आई छात्र-छात्राओं की एक्स्ट्रा क्लास लगानी थी। जिसके बाद उन्हें दोबारा परीक्षा का अवसर देना था। लेकिन ऐसा देखा नहीं गया था। पूरी व्यवस्था ही फेल हो गई थी। वही परीक्षा के दौरान भी कई शिकायतें भी आई थी। शिक्षकों के द्वारा ब्लैकबोर्ड में सवालों के जवाब लिखने, छात्रों की आंसरशीट में शिक्षकों द्वारा सवाल लिखने जैसे कई शिकायतें भी आई थी।