
रायपुर. माओवाद प्रभावित बस्तर संभाग में व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संसद में टैक्स होलिडे और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी की मांग उठी है। सांसद दीपक बैज ने नियम 377 के अधीन संसद को इसकी सूचना दी है। अभी इस पर केंद्र सरकार का जवाब आना बाकी है। यदि केंद्र सरकार इसकी छूट देती है, तो बस्तर संभाग में टैक्स होलिडे के तहत कर और जीएसटी में छूट मिलेगी। ट्रांसपोर्ट में सब्सिडी मिलने से उत्पादन लागत में भी कमी आएगी।
सांसद बैज ने केंद्र सरकार का ध्यानाकार्षित करने हुए नियम 377 के तहत सूचना दी है कि, केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के कई राज्य सहित हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग जिला और उत्तराखण्ड में टैक्स होलिडे के तहत कर और जीएसटी में छूट और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी देकर उद्योग-धंधे, व्यापार एवं निवेश को प्रोत्साहन देती है। इससे क्षेत्र का तेजी से विकास होता और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर मिलते हैं।
प्राकृतिक संपदा से भरपूर छत्तीसगढ़ चार राज्यों से घिरा है। माओवाद प्रभावित क्षेत्र बस्तर, कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर अत्यंत पिछड़ा क्षेत्र है। कोरोना व लॉकडाउन के बाद इस क्षेत्र में टैक्स होलिडे और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी मिलने से क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। सांसद बैज ने केंद्र से मांग की है कि इस क्षेत्र में टैक्स होलिडे और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी दी जाए, ताकि क्षेत्र का तेजी से विकास हो सके।
Published on:
03 Feb 2021 12:54 pm
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