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डीएमएफ: स्वास्थ्य-शिक्षा के मनमाने खर्च पर लगाई लगाम

सीएम ने कहा: सिर्फ अति आवश्यक सेवाओं के लिए फंड का उपयोगमेला आदि समारोह में डीएमएफ की राशि उपयोग नहीं करने की हिदायत

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डीएमएफ: स्वास्थ्य-शिक्षा के मनमाने खर्च पर लगाई लगाम

डीएमएफ: स्वास्थ्य-शिक्षा के मनमाने खर्च पर लगाई लगाम

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में रविवार को उनके निवास कार्यालय में खनिज न्यास मद की राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री के तीखे तेवर दिखने को मिले। फंड के मनमाने खर्च पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने अफसरों को सख्त हिदायतें दी हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और शिक्षा के मनमाने खर्च पर रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा, अति आवश्यक सेवाओं के लिए फंड का उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी हिदायत दी है कि जिले में आयोजित होने वाले मेला आदि समारोह में डीएमएफ की राशि का उपयोग नहीं किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने डीएमएफ मद से उच्च और सामान्य प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए मितव्ययिता पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, खनिज मद की राशि का आवंटन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभावित जिलों में निर्धारित अनुपात के आधार पर किया जाए। इसमें नवगठित 5 जिलों के लिए भी राशि का आवंटन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ समय पर पूर्ण हो सके। बैठक में मंत्री टीएस सिंहदेव, मंत्री रविंद्र चौबे, मंत्री मोहम्मद अकबर, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू आदि मौजूद थे।
सोशल ऑडिट के लिए प्रकोष्ठ गठित
बैठक में डीएमएफ मद के आय-व्यय के सोशल ऑडिट के लिए राज्य स्तरीय प्रकोष्ठ के गठन को भी मंजूरी दी गई है। बताया जाता है कि खर्च का हिसाब-किताब कर उसका ऑडिट किया जाता है। कई जिलों में इस प्रक्रिया का पालन नहीं हो रहा है। विपक्ष ने विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद सोशल ऑडिट के लिए राज्य स्तरीय प्रकोष्ठ के गठन का फैसला लिया गया।