केंद्र सरकार ने छूटे हुए लोगों को ढूंढकर, उनके घर जाकर टीकाकरण करने के निर्देश राज्यों को दिए हैं। मगर, छत्तीसगढ़ सरकार बहुत ज्यादा पक्ष में नहीं है।
रायपुर. केंद्र सरकार ने छूटे हुए लोगों को ढूंढकर, उनके घर जाकर टीकाकरण (Vaccination) करने के निर्देश राज्यों को दिए हैं। मगर, छत्तीसगढ़ सरकार बहुत ज्यादा पक्ष में नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव (CG Health Minister TS Singhdeo) का कहना है कि हम इसे इसलिए भी बहुत ज्यादा महत्व नहीं दे रहे, क्योंकि हमें आगे तक टीकाकरण करना है।
अगर, आप किसी व्यक्ति को उसे घर में वैक्सीन लगाकर आगे बढ़ गए, और साइड इफैक्ट होता है तो मुश्किल आ सकती है। इसलिए तो 30 मिनट तक निगरानी रखने का नियम बनाया गया है। सिंहदेव ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखकर कि कैसा प्रबंधन कर सकते हैं, वैक्सीन वैन कितने पास रहनी चाहिए ताकि समय पर मरीज को शिफ्ट किया जा सके।
उधर, सिंहदेव ने यह भी कहा कि ऐसे लोग जिन्हें पहला और दूसरा डोज नहीं लगा है, उन्हें खोजने के लिए पंचायती राज संस्थाओं को भी सीधे तौर पर सक्रिय किया जा सकता है। उन्होंने यह सुझाव भी केंद्र सरकार को दिया है। क्योंकि इनके पास गांववार जानकारी रहती है। गौरतलब है कि केंद्र ने 30 नवंबर तक घर-घर जाकर टीकाकरण करने का अभियान चलाकर शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य राज्यों को दिया है।
4 लाख वैक्सीन लगा सकते हैं एक दिन में
सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र को पत्र लिखकर 1 करोड़ सीरिंज और 1 करोड़ डोज मांगे हैं। उनका कहना है कि विभाग 10 लाख तक डोज तक लगा सकता है, मगर मैं इसे 4 लाख तक मानकर चल रहा हूं। तो एक महीने में 1.20 करोड़ डोज की आवश्यकता होगी। इतने ही लोग दोनों डोज लगने के लिए बचे हैं। गौरतलब है कि राज्य में 37 लाख लोग हैं जिन्होंने दूसरा डोज नहीं लगवाया है, तो उधर, 40 लाख लोगों को फर्स्ट डोज लगना शेष है।
राज्य की स्थिति
1.99 लाख लक्षित आबादी।
- 1.61 लाख को लगा पहला डोज।
- 75 लाख को लगे दोनों डोज।
- कुल 2.36 लाख डोज लगे राज्य में।