राज्य सरकार की ओर से गरीबों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें राशन वितरण से लेकर बच्चों की पढ़ाई और उनकी स्कालरशिप सहित कई लाभ शामिल हैं लेकिन कभी जानकारी के अभाव में तो कभी अधिकारियों की उदासीनता से इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
रायपुर. राज्य सरकार लगातार गरीबों एवं जरूरतमंद लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इसका लाभ भी लोगों को मिल रहा है लेकिन कई जगह अभी लोगों को लाभ पाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कोरबा जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत चचिया में रति राम अगरिया पत्नी और दो बच्चे सहित निवास करता है, परिवार का दैनिक मजदूरी कर भरण पोषण कर रहा है, परिवार इतना गरीब है कि उन्हें दो वक्त की रोटी नसीब नही हो पाता, ऐसे में भूखे रात गुजरने को मजबूर है। गरीब रतिराम को सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना का लाभ नहीं मिल रहा था।
इस योजना के तहत प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही गरीब परिवार का राशनकार्ड बनवाया गया है। लेकिन उक्त परिवार का अब तक राशनकार्ड नही बन पाया है। इस कारण इस गरीब परिवार को रोजाना दिहाड़ी मजदूरी करने के बाद ही दो वक्त की रोटी नसीब हो पाती है। बृक्षो बाई का कहना है राशनकार्ड नही होने से बहुत परेशानी हो रही है । तीन बच्चे है और बच्चे भूखे रहते है। अब जीवन यापन बड़ी मुश्किल से हो पा रहा है। घर में खेती के लिए जमीन भी नहीं है। ऐसे में दैनिक मजदूरी करने के बाद ही उनके घर में चूल्हा जलता है। वहीं उक्त परिवार को राशनकार्ड नहीं होने के कारण शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल रहा है।