
दुर्गा पंचमी आज: मां स्कंदमाता करें की आराधना, जानिए पूजा विधि
रायपुर. शक्ति की भक्ति का बुधवार का पांचवां (Durga Panchami) दिन है। यानी कि पंचमी तिथि तक गहरी आस्था का केंद्र महामाया का पूजा-आरती, नारियल, चुनरी चढ़ाने के लिए 15 से 20 हजार भक्त रोज माता के दरबार में पहुंचे थे। लेकिन इस बार कोरोनाकाल के कारण यह आंकड़ा आधे से भी कम 4 से 5 हजार श्रद्धालु ही दर्शन करने आ रहे हैं। देवी मंदिरों के पट रात 11 बजे तक खुल रहे हैं। बारी-बारी से दर्शन कराने की वजह से भक्त भी वीआईपी जैसा अहसास कर रहे हैं।
नव दुर्गा की पांचवीं शक्ति का नाम स्कंदमाता है। छांदोग्यश्रुति में भगवती की शक्ति से उत्पन्न हुए सनत्कुमार का नाम "स्कंद है। स्कंद की माता होने से ये देवी स्कंदमाता कहलाई। शेर पर सवार स्कंदमाता का वाहन मयूर भी है। इनकी पूजा केसर युक्तचंदन व सफेद वस्त्र से करते हैं।
: पंचमी तिथि यानी नवरात्रि के पांचवें दिन माता दुर्गा को केले का भोग लगाएं व गरीबों को केले का दान करें। माना जाता है कि इससे आपके परिवार में सुख-शांति रहेगी।
लाल चुनरी : अंतिम दिन कन्याओं के पैरों में महावर, हाथों में मेहंदी लगाएं। लाल चुनरी भेंट करें। इससे देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है
Published on:
21 Oct 2020 08:53 am
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