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Dussehra 2021: दशहरा पर इन 14 शर्तों का करना होगा पालन, रावण दहन देखने जाने वालों को रजिस्टर में लिखना होगा नाम-पता

Dussehra 2021: राजधानी के सबसे बड़े डब्ल्यूआरएस दशहरा मैदान पर इस बार लंकापति रावण के पुतले के मुंह से शब्दों की जगह रॉकेट निकलेगा। जो दूर जाकर फूटेगा।

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Dussehra 2021

Dussehra 2021: दशहरा पर इन 14 शर्तों का करना होगा पालन, रावण दहन देखने जाने वालों को रजिस्टर में लिखना होगा नाम-पता

रायपुर. Dussehra 2021: राजधानी के सबसे बड़े डब्ल्यूआरएस दशहरा मैदान पर इस बार लंकापति रावण के पुतले के मुंह से शब्दों की जगह रॉकेट निकलेगा। जो दूर जाकर फूटेगा। इसी नजारे के बीच कोलकाता के कलाकारों की टीमें सतरंगी आतिशबाजी से हजारों लोगों को रामांचित करेगी। परंतु कोरोना के कारण 110 फीट की जगह सिर्फ 51 फीट का रावण अकेले ही धू-धूकर जलेगा। ऐसी ही तैयारी उत्सव समिति ने की है। इसके अलावा शहर के दर्जनभर मैदानों पर रावण दहन का आयोजन होगा। बुधवार को जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी की। दशहरा पर्व पर रामलीला, सांस्कृतिक कार्यक्रम और डीजे, धुमाल पार्टी पर पूरी तरह से पाबंदी है।

दशहरा उत्सव समितियों ने विजयादशमी की तैयारियां जोरशोर से शुरू कर दी है। सार्वजनिक दशहरा उत्सव के अध्यक्ष विधायक कुलदीप जुनेजा, संरक्षक महापौर एजाज ढेबर एवं सचिव राधेश्याम विभार ने बताया कि समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आमंत्रित किया गया हैं। मैदान कुर्सियां वीआईपी लोगों के लिए इस बार नहीं होंगा। न ही पास बांटे हैं।

उत्सव के लिए 14 शर्तें, 100 मीटर के दायरे में बैरीकेड्स जरूरी
कोरोना महामारी को देखते हुए दशहरा उत्सव के लिए जिला प्रशासन ने सख्त 14 शर्तें तय की है। इस संबंध में आयोजकों की बैठक बुलाई गई थी। इसके बाद आदेश जारी किया। इन शर्तों के उल्लंघन पर महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। आयोजन स्थान कंटेनमेंट जोन होने पर कार्यक्रम स्थगित करना होगा। मैदानों की क्षमता यानी जहां 20 हजार, वहां 10 हजार लोग शामिल हो सकेंगे। रावण दहन से 100 मीटर के दायरे में बेरिकेट्स अनिवार्य है। उत्सव समितियों को वालेंटियर की तैनाती, मास्क, सेनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, आक्सीमीटर, हैंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था करनी होगी।

- रावण दहन खुले मैदान में, साफ-सफाई की व्यवस्था।
- किसी भी तरह के अस्त्र-शस्त्रों के प्रदर्शन पर सख्त कार्रवाई होगी।
- आयोजन से पहले संबंधित थाना प्रभारियों और जोन कमिश्नरों को जानकारी देनी होगी।
- समिति के मुख्य पदाधिकारियों के सहित मैदान की क्षमता से 50 प्रतिशत लोग।
- उत्सव में आने वालों का एक रजिस्टर में नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। ताकि संक्रमित होने पर ट्रेसिंग की जा सके।
- समितियों को आयोजन से पूर्व सोशल मीडिया या व्यक्तिगत कोरोना नियमों के तहत सीमित लोगों के शामिल होने की जानकारी देनी होगी।
- रामलीला, भजन संध्या, सांस्कृतिक, भंडारा पंडाल पूरी तरह से बैन रहेगा।
- रावण दहन से 100 मीटर के दायरे में बैरिकेड्स अनिवार्य है।
- सजावट, झांकी निकाला, डीजे, धुमाल बैंड पार्टी की अनुमति नहीं है।
- फायर ब्रिगेड, यातायात, वाहनों की पार्किंग व्यवस्था करानी होगी।
- प्रदूषण नियंत्रण के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार एनजीटी के नियमों का पालन करना होगा। यानी तेज आवाज वाले पटाखे, आतिशबाजी पर रोक।

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