
इको-फ्रेंडली: जेल की मिट्टी से कैदियों ने बनाई गणेशजी की 150 प्रतिमाएं
वहीं जेल के भीतर 27 अगस्त को इसकी स्थापना की तैयारी चल रही है। 10 दिनी महोत्सव के बाद प्रतिमाओं को जेल में बनाए गए कुंड में ही विसर्जन किया जाएगा। इको-फ्रेंडली होने के कारण इससे पर्यावरण को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा। बता दें कि जेल की 2 क्विंटल मिट्टी से प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। जेल प्रशासन द्वारा रंग और अन्य संसाधन कैदियों को उपलब्ध कराए गए हैं।
कैदियों द्वारा बनाई गई1 से 2 फीट की आर्कषक प्रतिमाओं की कीमत 51 रुपए से 351 रुपए तक रखी गई है। नो-प्राॅफिट नो लॉस की तर्ज पर प्रतिमाओं को आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया है। जेल प्रशासन का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने, उनके भीतर छिपी कला को निखारने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनती हैं। इससे कैदियों को न केवल आत्मविश्वास मिलता है, बल्कि उनका पुनर्वास भी सशक्त रूप से संभव हो पाता है। बता दें कि प्रतिमाओं का निर्माण आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी भोजराम, सुजीत, खेलन, भेषन, दीपक और हेमंत द्वारा किया गया है।
गणेशजी की प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी प्रतिमाओं के विपरीत, कैदियों द्वारा मिट्टी से प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। यह विसर्जन के बाद पर्यावरण को किसी भी तरह की नुकसान नहीं पहुंचाती हैं। यह पहल आस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों का सुंदर संगम प्रस्तुत करती है।
केंद्रीय जेल रायपुर में बंदियों के सर्वांगीण विकास एवं पुनर्वास के उद्देश्य से विभिन्न तरह के रचनात्मक और कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर्व के अवसर पर कैदियों द्वारा मिट्टी से भगवान गणेश की सुंदर एवं पर्यावरण हितैषी प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। जेल के भीतर इसकी स्थापना के साथ ही आम लोगों के लिए बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है।
योगेश क्षत्री सेंट्रल जेल अधीक्षक रायपुर
Updated on:
24 Aug 2025, 12:46 AM IST
Published on:
24 Aug 2025, 12:46 AM IST
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