
महादेव सट्टेबाजी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई(photo-patrika)
Mahadev Satta App Case: छत्तीसगढ़ के महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 91.82 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। ED ने जांच में पाया कि मिस परफेक्ट प्लान इन्वेस्टमेंट LLC और M/s एक्जिम जनरल ट्रेडिंग-GZCO के नाम पर रखे गए 74 करोड़ 28 लाख 87 हजार 483 रुपये के बैंक बैलेंस को अटैच किया गया है।
ED के अनुसार ये कंपनियां महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, उनके सहयोगी अनिल कुमार अग्रवाल और विकास छपारिया से जुड़ी हैं। इन संस्थाओं का उपयोग अवैध सट्टेबाजी से अर्जित अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) को वैध निवेश के रूप में दिखाने के लिए किया गया था।
इसके अलावा ED ने 17.5 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां भी अटैच की हैं, जो गगन गुप्ता और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज थीं। गगन गुप्ता को Skyexchange.com के मालिक हरि शंकर तिबरेवाल का करीबी बताया जा रहा है। जांच एजेंसी का दावा है कि ये महंगी प्रॉपर्टी और लिक्विड एसेट्स नकद में कमाए गए अवैध सट्टे के पैसों से खरीदे गए थे।
ED ने महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी मामले की जांच को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाते हुए अब तक देशभर में 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। इस दौरान प्रमोटरों, एजेंटों, सहयोगियों और उनसे जुड़ी कंपनियों के कार्यालयों व आवासीय परिसरों की तलाशी ली गई।
तलाशी अभियान में ED को बड़ी मात्रा में डिजिटल डिवाइस, बैंकिंग दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और वित्तीय कागजात मिले हैं, जिनसे सट्टेबाजी नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए हैं।एजेंसी का कहना है कि बरामद सबूतों के आधार पर अवैध पैसों के प्रवाह, बेनामी निवेश और विदेशी कंपनियों के जरिए की गई फंडिंग की परतें लगातार उजागर हो रही हैं, और मामले में आगे और बड़ी कार्रवाई संभव है।
ED के मुताबिक महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में अब तक की जांच के दौरान करीब 2,600 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्तियां जब्त, फ्रीज या अटैच की जा चुकी हैं। यह कार्रवाई देश के सबसे बड़े सट्टा और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ मानी जा रही है। मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।
जांच एजेंसी ने अब तक 5 प्रॉसिक्यूशन शिकायतें (चार्जशीट) दाखिल की हैं, जिनमें 74 कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। ED का कहना है कि यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है और जांच अभी जारी है। महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी मामला देश के सबसे बड़े डिजिटल सट्टा और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में से एक बन चुका है। ED की यह ताजा कार्रवाई इस अवैध नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
Published on:
08 Jan 2026 08:23 am
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