
अरे वाह! अब रायपुर में भी कचरे से बनेगी बिजली, अमेरिकी कंपनी ने दिखाई रुचि
रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को जल्द ही कूड़े-कचरे की समस्या से तो निजात मिलने ही वाली है, लेकिन बड़ी बात यह है कि इस कूड़े-कचरे से बिजली बनाया जाएगा। इसके लिए सरोना में नगर निगम द्वारा डंप 6 लाख मीट्रिक टन किए गए कचरे से बिजली बनेगी। अमरीका की कंपनी ने रुचि दिखाई है। लेकिन नगर निगम प्रशासन ने बिना निविदा जारी किए किसी एक कंपनी ने देकर अन्य कंपनियों से भी निविदा मंगाई है। अंतिम तिथि 8 अगस्त तक है। जिस कंपनी का प्रोजेक्ट सबसे अच्छा रहेगा उसे निविदा समिति बिजली बनाने के लिए ठेका देगी।
20 साल तक लीज पर दी जाएगी जमीन
निगम अधिकारियों के अनुसार सरोन में जिस भी एजेंसी को कचरे से बिजली बनाने का ठेका दिया जाएगा। उसे वहीं पर 20 साल तक लीज पर जमीन दी जाएगी। इसी जमीन पर संबंधित एजेंसी द्वारा बिजली उत्पादन के लिए प्लांट लगाएगी। कंपनी बिजली उत्पादन करने के बाद विद्युत वितरण कंपनी को ही एग्रीमेंट के अनुसार भेजेगी। इसके बदले में एजेंसी सरोना ट्रेचिंग ग्राउंड की लैंडफिलिंग करेगी। एग्रीमेंट के अनुसार निगम को कुछ राशि भी देगी।
शासन से मांगे 40 करोड़ रुपए
निगम अधिकारियों के अनुसार सरोना में डंप किए कचरे को निकाल कर बिजली बनाने के बाद ठेका एजेंसी द्वारा लैंडफिलिंग कर निगम को जमीन को वापस करेगी। इसके बाद निगम वहां ऑक्सीजोन सहित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर सुंदर गार्डन तैयार करेगा। साथ ही पूरी जमीन का सीमांकन करा कर बाउंड्रीवाल का निर्माण भी किया जाएगा। गौरतलब है कि महापौर ने भी सरोना टे्रचिंग ग्राउंड की जमीन पर ऑक्सीजोन बनाने का सुझाव राज्य शासन को दिया है। इसके लिए शासन से 40 करोड़ रुपए की भी मांग की है।
नगर निगम आयुक्त रजत बंसल ने कहा कि सरोना टे्रचिंग ग्राउंड में डंप हुए कचरे से बिजली बनाने के लिए अमरीका की कंपनी ने रुचि दिखाई है। लेकिन एक ग्लोबल टे्रंडर जारी अन्य एजेंसियों से भी निविदा मंगाई। निविदा आने के बाद जिस भी कंपनी का प्रस्ताव अच्छा रहेगा उसे ही बिजली बनाने का ठेका दिया जाएगी।
Published on:
02 Aug 2018 07:33 pm
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