यहां अभी तक हाथियों के आतंक ने कई लोगों की जान ले ली है।
रायपुर. छत्तीसगढ़ में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है।कोरबा और अंबिकापुर में कुछ हाथियों के झुंड ने उत्पात मचा रखा है।यहां अभी तक हाथियों के आतंक ने कई लोगों की जान ले ली है।हाथियों के दहशत से लोग इतना परेशान हो चुके है कि उन्हें अपना घर छोड़कर स्कूल या सरकारी भवनों में शरण लेनी पड़ रही है।
तो वही बैकुंठपुर में हाथियों के झुंड को आता देख माता - पिता अपने बच्चों को घर में बंद कर वहां से भाग निकले। उनके भागने के बाद ही हाथियों ने घर का दरवाजा तोडना शुरू कर दिया।जिसके बाद...
दरअसल, 5 खूंखार हाथियों का दल रात में अचानक गांव सेमरिया पहुंच गया।इसकी सूचना मिलते ही गांव के एक परिवार के राजबहादुर और उसकी पत्नी अपने दो मासूम बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए घर के अंदर बंद करके ताला लगाकर भाग निकले। उनके निकलने के कुछ देर बाद उस घर को हाथी तोडऩे लगे। जिसके बाद गांव वालों की सूचना पर वन विभाग वहां पहुंचा।बहुत कोशिशों के बाद किसी तरह हाथियों को वहां से भगाया गया।
लेकिन बहुत प्रयास के बाद भी वन विभाग को कोई बच्चे नजर नहीं आ रहे था।निराश होकर वन विभाग की टीम वापस लौटने लगी। इसी दौरान एक बच्चे के रोने की आवाज आई।काफी मशक्कत के बाद घर का ताला तोडऩे का प्रयास किया। ताला नहीं टूटने के कारण क्षतिग्रस्त स्थल से निकालकर स्ट्राइक फोर्स वाहन में सुरक्षित स्थान में भिजवाया। हालांकि, कुछ देर बाद माता-पिता पहुंच गए थे। वही, देर रात हाथियों का दल मध्यप्रदेश के सीधी जिला स्थित संजय गांधी टाइगर रिजर्व ओर चला गया, जिससे वन विभाग ने राहत की सांस ली।
वहीं कोरबा में हाथियों का झुंड दूसरे दिन शनिवार की सुबह को भी बालको रेेंज के बेला गांव में घुस गया। एक ग्रामीण के बाड़ी में कोठे में बंधी एक मवेशी को हाथियों ने कुचल कर मार डाला। वहीं, चार घरों को भी तोड़ दिया।हाथियों की चिंघाड़ सुनकर ग्रामीणों में भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। किसी तरह ग्रामीणों ने अपनी जान बचाई।लगभग आधे घंटे तक हाथियों का झुंड बस्ती में रहा। शुक्रवार की भोर में झुंड बेला गांव में घुस गया था। जहां हाथियों ने कई मकानों को तोड़ डाला था।
वहीं अंबिकापुर में लखनपुर वन परिक्षेत्र में 6 हाथियों का उत्पात पांचवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार की रात हाथियों ने ग्राम चोडय़ा व रानीकछार में एक ग्रामीण का मकान तोड़ डाला। वहीं, 7 ग्रामीणों की 15 हेक्टयेर में लगी धान की फसल रौंद कर बर्बाद कर दी। वन विभाग द्वारा हाथियों से बचाव के लिए रात में ग्रामीणों को परिवार सहित ग्राम चोडय़ा के आंगनबाड़ी में रखा गया है। यहीं भोजन की भी व्यवस्था की गई है।
डिप्टी रेंजर राय ने बताया, हाथियों का दल अभी पंडरीपानी जंगल में विचरण कर रहा है, पंडरीपानी व आसपास के गांव के लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। लखनपुर वन परिक्षेत्र के सकरिया, लब्जी, चोडय़ा, रानीकछार व आसपास के गांव इन दिनों हाथियों के उत्पात से परेशान हैं। 6 हाथियों ने तीन दिनों के भीतर 20 से अधिक घरों को तोड़ दिया। दहशत में इन प्रभावित गांव के लोग गांव की स्कूल व आंगनबाड़ी में शरण लिए हुए हैं।