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छत्तीसगढ़ के शिमला में लीजिए ठंड का आनंद, प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर मैनपाट कर रहा पर्यटकों आकर्षित

Mainpat Chhattisgarh: प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर, समुद्र तल से ऊंचाई एवं मनोरम स्थल व शरद ऋतु में बर्फ़बारी शिमला का अनुभव कराती है। ठंड और बारिश के दिनों में मैनपाट का सौंदर्य अपने चरम पर होती है, इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है। पहाड़ से निकलती टेढ़े-मेढे रास्ते और अलग-अलग पहाड़ियों से नीचे का वृहग दृश्य देखते ही बनता है।

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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में विंध्य पर्वतमाला पर समुद्रतल से लगभग 3781 फीट की ऊंचाई पर बसे मैनपाट(Mainpat) को 'छत्तीसगढ़ का शिमला ' (Chhattisgarh ka Shimla) कहा जाता है।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर, समुद्र तल से ऊंचाई एवं मनोरम स्थल व शरद ऋतु में बर्फ़बारी शिमला का अनुभव कराती है। ठंड और बारिश के दिनों में मैनपाट का सौंदर्य अपने चरम पर होती है, इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है। पहाड़ से निकलती टेढ़े-मेढ़े रास्ते और अलग-अलग पहाड़ियों से नीचे का वृहग दृश्य देखते ही बनता है। ऊँची-ऊँची पहाड़ियाँ एवं चारों ओर से वनों से घिरा हुआ हरियाली, बहते झरने एवं नदियां लोगों को अपनी ओर खींच लेती है। गर्मी के दिनों में भी ठंडी का मौसम होने के कारण सैलानियों का पसंदीदा स्थान होता है। मैनपाट से ही रिहन्द और मांड नदी का उद्गम हुआ है। मैनपाट कालीन और पामेलियन कुत्तों के लिए भी प्रसिद्ध है। साथ ही बाक्साइट की खदानें भी हैं, जहां से बालको के लिए बाक्साइट निकला जाता है।

बुद्ध मंदिर(Baudh Mandir) - वर्ष 1962 में तिब्बती शरणार्थियों को यहां बसाया गया था। यहां तिब्बती लोगों का जीवन एवं बौद्ध मंदिर आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। इसलिए इसे 'छत्तीसगढ़ का तिब्बत' भी कहा जाता है।

सरभंजा जलप्रपात(Sarbhanja Jalprapat) - मांड नदी पर यह जलप्रपात है, इसे इको या टाइगर पॉइंट के नाम से भी जाना जाता है। प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर यह एक दर्शनीय स्थल है।

एलिफेंट पॉइंट (Elephant Point) - यह झरना जमदरहा नामक पहाड़ी नदी पर स्थित है। चारों ओर घनघोर जंगल के बीचोबीच यह झरना है, जहां 12 महीनें पानी बहता रहता है। प्रकृति की यह अद्भुत दृश्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर लेती है।

मेहता पॉइंट (Mehta Point)- प्रकृति की गोद में बसी इस जगह पर सूर्योदय एवं सूर्यास्त का समय काफी मनोहर होता है। यह अद्भुत नजारा सैलानियों को अपनी खींच लेती है।

दलदली (Daldali)- प्रकृति की यह एक अनोखी जगह है जहां स्पंजी जमीन है, इस जगह को दलदली के नाम से जाना जाता है। मैनपाट(Mainpat) पहुँचने वाले पर्यटकों को आप इस जगह पर उछाल-कूद करते देख सकते हैं।

मछली पॉइंट(Machali/Fish Point)- प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर यह एक दर्शनीय स्थल है।

मैनपाट कैसे पहुंचे
मैनपाट जिला अंबिकापुर/सरगुजा से 50 किलोमीटर की दूरी पर है। जिला अंबिकापुर से जाने के दो रास्ते हैं, पहला अंबिकापुर-सीतापुर रोड़ से होकर और दूसरा ग्राम दरिमा होते हुए। दरिमा एयरपोर्ट होकर जाने में मैनपाट पहाड़ी का सफर पर्यटकों के लिए काफी रोमांचक है।

ट्रेन द्वारा (By Train) - अंबिकापुर रेलवे स्टेशन करीब है, जहाँ से टैक्सी या बस से जा सकते हैं ।
सड़क द्वारा (By Road) - अंबिकापुर बस अड्डा से बस या टैक्सी से जा सकते हैं ।

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