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EOW ने फर्म में मारे छापे, तेलीबांधा स्थित सील किए गए दफ्तर की ली तलाशी, प्रॉपर्टी और जमीन के दस्तावेज जब्त

Bharatmala Project scam: यह दफ्तर पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड हरमीत सिंह खनूजा का है। जिसे ईओडब्ल्यू ने दो अन्य लोगों के साथ ही पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है।

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Bharatmala Project scam: EOW ने फर्म में मारे छापे, तेलीबांधा स्थित सील किए गए दफ्तर की ली तलाशी, प्रॉपर्टी और जमीन के दस्तावेज जब्त

Bharatmala Project scam: ईओडब्ल्यू ने भारतमाला परियोजना में हुए मुआवजा घोटाले की जांच करने तेलीबांधा स्थित दशमेश इंस्टावेंचर प्रालि के दफ्तर में छापे मारे। सील किए गए दफ्तर को खोलने के बाद बुधवार को तलाशी ली। 8 सदस्यीय टीम ने सुबह 11 बजे से लेकर शाम करीब 5 बजे तक तलाशी लेकर प्रॉपर्टी, जमीन और लेनदेन के दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त किया। यह दफ्तर पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड हरमीत सिंह खनूजा का है। जिसे ईओडब्ल्यू ने दो अन्य लोगों के साथ ही पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है।

Bharatmala Project scam: करोड़ों का मुआवजा हासिल करने की जानकारी

बताया जाता है कि पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर सील किए गए दफ्तर की तलाशी ली गई। हरमीत ने जमीन दलाल और मेवा कारोबारी विजय जैन, उमा देवी (फर्जी नाम) और उसके पति केदार तिवारी के साथ मिलकर यह मुआवजा घोटाला किया। इन लोगों के द्वारा जैतू साव मठ की जमीन को भारतमाला प्रोजेक्ट के अधीन कर करोड़ों का मुआवजा हासिल करने की जानकारी भी मिली है।

इस परियोजना में अभनपुर के पूर्व एसडीएम निर्भय साहू, तहसीलदार, आरआई ,पटवारियों ने भी साथ मिलकर करोड़ों का घपला किया। हरमीत ने एक निलंबित तहसीलदार शशिकांत कुर्रे की पत्नी भावना कुर्रे के साथ पार्टनरशिप में दशमेश इंस्टावेंचर प्रालि, दशमेश डेवलपर, शुभ लक्ष्मी वेंचर्स जैसे 13 फर्म का गठन किया। इसे टूर एंड ट्रैवल्स की आड़ में जमीन खरीदी बिक्री का कारोबार किया जा रहा था। उक्त सभी प्रॉपर्टी लेन-देन का काम कर रहे थे। इसी परिसर में सभी 13 फर्मों का काम किया जा रहा था।

यह भी पढ़ें: CG News: घोटालेबाज अधिकारियों-भूमाफियाओं पर कसेगा शिकंजा, रायपुर समेत 11 जिलों में भ्रष्टाचार की जांच करेगी EOW

5 दिन पहले 20 ठिकानों पर छापे

ईओडब्ल्यू ने 5 दिन पहले जमीन दलाल हरमीत सिंह समेत बीस लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनमें आरआई रौशन वर्मा, और कुछ पटवारी भी शामिल हैं। रौशन वर्मा के भी इस मुआवजा घोटाले से अर्जित कर सड्डू के राजधानी विहार में 45 लाख का एक मकान खरीदने की जानकारी मिली है। वहीं भारतमाला परियोजना में करोड़ों की हेराफेरी करने के लिए रायपुर से चार साल पहले रायपुर कलेक्टोरेट से अभनपुर तबादला कराया था।

इस तरह का घोेटाला

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग अधिग्रहण द्वारा निर्मित भारतमाला परियोजना सडक निर्माण में जिलों में भू-अर्जन संबंधी शिकायत पूजा बघेल सभापति राजस्व स्थाई समिति, कार्यालय जनपद पंचायत अमनपुर जिला, नरेन्द्र कुमार पारख संचालक स्वामी बिल्डवेल प्रालि, कृष्णा कुमार साहू एवं हेमंत देवांगन धमतरी, सत्यनारायण शर्मा (उपाध्यक्ष), महेन्द्र कुमार अग्रवाल (सचिव) ठाकुर रामचन्द्रजी स्वामी जैतुसाव मठ, सार्वजनिक न्यास पुरानी बस्ती रायपुर के द्वारा की गई। शिकायत के संबंध में कलेक्टर, रायपुर द्वारा अपर कलेक्टर रायपुर से जांच कराई, तीन जांच प्रतिवेदन शिकायत अग्रिम कार्यवाही के लिए दिया गया। जिस पर ब्यूरो में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

अग्रिम जमानत खारिज

Bharatmala Project scam: ईओडब्ल्यू द्वारा भारतमाला परियोजना घोटाले में गिरफ्तारी को देखते हुए जितेन्द्र साहू तत्कालीन पटवारी अभनपुर, लेखराम देवांगन, पटवारी, ग्राम टोकरो और दिनेश पटेल हल्का पटवारी द्वारा लगाई गई अग्रिम जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

उक्त सभी ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए अधिकारियों के निर्देश पर काम करने का हवाला दिया था। अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस समय प्रकरण की जांच चल रही है। संदेह के दायरे में आने वालों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा सकता है। इस दौरान संतोषजनक जवाब नहीं देने पर गिरफ्तार किया जाएगा।


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