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त्रुटिपूर्ण आरक्षण का असर : 22 पंचायतें ऐसी जहां वर्षों से सरपंच का पद खाली

इन स्थानों पर रिक्त पद होने का कारण है त्रुटिपूर्ण आरक्षण। कुछ स्थानों पर सरपंच के लिए आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार नहीं है तो कहीं मतदाता ही नहीं है। जिससे गांवों के विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है।

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगभग 22 ग्राम पंचायतें ऐसी है, जहां के मतदाता त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल, इन गांवों में योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण वर्षों से सरपंचों के पद रिक्त पड़े हैं। इसके चलते इन गांवों के विकास का रास्ता भी नहीं खुल पा रहा है। ज्यादातर गांव में त्रुटिपूर्ण सीटों का आरक्षण होने के कारण यह िस्थति निर्मित हो रही है। जब इसके कारणों की पड़ताल की गई तो यह बात का खुलासा हुआ कि किसी गांव में उस वर्ग का मतदाता ही नहीं है, तो कही उस वर्ग का उम्मीदवार नहीं है। ऐसे में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव व उप चुनाव में चुनाव करने की पहल के बाद बावजूद सरपंच पद का चुनाव नहीं हो सका रहा है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने पिछले माह त्रि-स्तरीय पंचायत उप चुनाव कराया। इसमें यह तथ्य सामने आया कि बहुत से स्थानों पर सरपंच और पंच पदों के लिए एक भी नामांकन जमा नहीं हुए हैं। इसके बाद निर्वाचन आयोग के भी कान खड़े हुए और आयोग ने इसके कारणों का पता लगाने की ठानी। इसके बाद आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर रिक्त पद और उसके कारणों की जानकारी मांगी। इसके बाद यह तस्वीर स्पष्ट हुई कि आरक्षण से जुड़े कारणों से इन गांवों में चुनाव नहीं हो पा रहे हैं।

117 पंचों के पद भी खाली
पिछले दिनों हुए त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक पंच के 177 रिक्त पदों के लिए किसी ने भी नामांकन दाखिल नहीं किया है। इनमें से कई क्षेत्र नक्सल प्रभावित है। वहीं आरक्षण नियमों की वजह से भी पद खाली रह जा रहे हैं। कांकेर जिले में पंच के सबसे अधिक 68 पद खाली है। रायगढ़ में पंच के 17 पद भी नामांकन जमा नहीं हुए थे। खास बात यह है कि रायपुर और दुर्ग जैसे बड़े जिलों में पंच और सरपंच के पदों पर किसी ने नामांकन जमा नहीं किया है। रायपुर जिले में पंच के चार और सरपंच के एक तथा दुर्ग जिले में पंच के एक और सरपंच के तीन पदों पर किसी उम्मीदवार ने अपना नामांकन दाखिल नहीं किया है।

इन पंचायतों में नहीं हुए सरपंच चुनाव
बिलासपुर जिले में भरारी व पेण्डरवा (द), मुंगेली जिले में झिरिया, रायगढ़ जिले में दुर्गापाली व बरभाठा (अ), रायपुर जिले में जौदी, महासमुंद जिले में साराडीह, गरियाबंद जिले में सुरसाबांधा, बलौदाबाजार जिले में सिरियाडीह, धमतरी जिले में सिलघट, बेमेतरा जिले में कोदवा, मनसुली, गोडगिरी व कुसमी, दुर्ग जिले में बसनी, पथारिया (डो.) व खर्रा, कबीरधाम जिले में छांटा, कुल्हीडोंगरी, पेण्ड्रीकला और कुम्ही और बीजापुर जिले के पालागुड़ा पंचायत में सरपंच चुनाव नहीं हो पा रहा है।

क्या कहते है अधिकारी
राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने कहा त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में पंच और सरपंच के पद खाली रह जा रहे हैं। इसके कारणों की समीक्षा की गई है। अब इसके निराकरण के लिए प्रयास किया जा रहा है।

पद रिक्त होने की प्रमुख वजह
ग्राम पंचायत में आरक्षित प्रवर्ग अजजा मुक्त का मतदाता नहीं होना।

आरक्षित प्रवर्ग अजा महिला मतदाता नहीं होना।

अजा महिला उम्मीदवार नहीं होना।

आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी ग्राम पंचायत में नहीं होना।

नामांकन पत्र प्राप्त नहीं होना।