18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बढ़ रही बिजली की डिमांड; हर दिन औसत खपत 5 हजार 359 मेगावाट के पार

- प्रदेश में बिजली खपत और मौजूदगी में सिर्फ 4 मेगावाट का अंतर - पिछले साल अप्रैल में बिजली कंपनी औसत खपत रेकॉर्ड की थी 5 हजार 377 मेगावाट

2 min read
Google source verification
बढ़ रही बिजली की डिमांड; हर दिन औसत खपत 5 हजार 359 मेगावाट के पार

बढ़ रही बिजली की डिमांड; हर दिन औसत खपत 5 हजार 359 मेगावाट के पार

रायपुर@ गर्मी के तेवर ने प्रदेश में बिजली की खपत बढ़ा दी है। वर्तमान में प्रदेश में बिजली की खपत 5 हजार 359 मेगावाट और बिजली की उपलब्धता 5 हजार 363 (शाम 6 बजकर 14 मिनट) है। प्रदेश में खपत और उपलब्धता में मात्र 4 मेगावाट का अंतर है। यदि खपत अचानक बढ़ी, तो बिजली कंपनी को सप्लाई में परेशानी होगी और उपभोक्ता को गर्मी में और परेशान होना पड़ेगा। गर्मी की वजह से उपभोक्ताओं की जेब भी भारी होगी। आगामी बिल में उपभोक्ताओं को पिछले माह की अपेक्षा अधिक भुगतान करना होगा। हालांकि बिजली कंपनी ने गुरुवार को वीसीए चार्ज कम किया है। इससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं।


मई-जून में मांग बढ़ने की संभावना प्रबल
कंपनी के अधिकारियों का कहना है, अभी अप्रैल महीने के शुरुआत में ही बिजली की मांग धीरे-धीरे अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। इसको देखते हुए गर्मी बढ़ने पर यानी मई-जून के महीनों में बिजली की मांग इससे भी अधिक होने की संभावना प्रबल हो गई है।


तकनीकी स्तर पर यह कर रही है कंपनी
अधिकारियों ने बताया, लोड वृद्धि की संभावना के तकनीकी समाधान के लिए वितरण कंपनी ने इस साल 74 अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर लगाए हैं। प्रदेश के 45 पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई गई है। इसके साथ ही नए पावर सब स्टेशन का काम जारी है, जिनका निर्माण पूरा हो चुका है उन्हें बिजली कंपनी के अधिकारियों ने शुरु भी कर दिया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है, कि मांग बढ़ने पर उसे सम्हालने के लिए कंपनी पूरी तरह से तैयार है।

रोजाना 2490 मेगावाट का उत्पादन


छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी रोजाना 2 हजार 490 (शाम 6 बजकर 49 मिनट) मेगावाट बिजली का उत्पादन करती है। वहीं शेष खपत केंद्रीय पूल और अनुबंध किए हुए कंपनियों से करती है। इसकी वजह से ही रिकॉर्ड स्तर पर बिजली की मांग के बावजूद कहीं लोड शेडिंग की जरूरत नहीं पड़ी है।

बिजली कंपनी, सर्किल प्रभारी, मनोज वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं की खपत को देखते हुए बिजली की उपलब्धता को ज्यादा रखते हैं। उपभोक्ताओं को सप्लाई करने में परेशानी ना हो, इसलिए अतिरिक्त नए ट्रांसफार्मर लगाए हैं और पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई है।