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Eye Flu : कोरोना की तरह कहर मचा रहा ये वायरस, बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा, स्कूलों में काला चश्मा पहन कर आने की हिदायत

Eye Flu : जिले में अभी डायरिया( adeno virus) का प्रकोप थमा नहीं है कि इधर आई फ्लू ‘वायरल कंजक्टिवाइटिस’( Viral conjunctivitis) से लोग तेजी से ग्रसित होने लगे हैं।

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Eye Flu : कोरोना की तरह कहर मचा रहा ये वायरस, बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा, स्कूलों में काला चश्मा पहन कर आने की हिदायत

Eye Flu : कोरोना की तरह कहर मचा रहा ये वायरस, बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा, स्कूलों में काला चश्मा पहन कर आने की हिदायत

Eye Flu : बिलासपुर. जिले में अभी डायरिया का प्रकोप थमा नहीं है कि इधर आई फ्लू ‘वायरल कंजक्टिवाइटिस’ से लोग तेजी से ग्रसित होने लगे हैं। इसका सबसे पहला मामला मस्तूरी के नवोदय विद्यालय में आया था, जहां ज्यादातर छात्र इससे पीड़ित हुए। कुछ छात्रों को सिम्स में भर्ती भी कराना पड़ा था। ठीक होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया गया।

इसी क्रम में शहर के तालापारा इलाके में एक साथ 20 मरीजों के मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने यहां दो दिवसीय आई कैंप लगवाया। जिसमें साढ़े 300 से ज्यादा मरीजों के आंख का इलाज हुआ। अब यह संक्रमण धीरे-धीरे शहर के अन्य इलाकों को भी अपनी चपेट में लेता जा रहा है।

इससे सबसे ज्यादा पीड़ित स्कूली छात्र हो रहे हैं। स्थिति यह है कि स्कूलों में इन दिनों छात्रों की संख्या घटने लगी है। स्कूल प्रबंधन भी छात्रों को या तो आराम करने की सलाह दे रहा है या फिर काला चस्मा पहन कर आने की बात कही जा रही है, ताकि इससे दूसे छात्र प्रभावित न होने पाएं।

इसे लेकर अभी शिक्षा विभाग की ओर से कोई गाइड लाइन नहीं आई है। जबकि शहर के अधिकांश स्कूलों में छात्र-छात्राएं पीड़ित हैं। ऊपर से कोई निर्देश न मिलने पर वर्तमान में स्कूल प्रबंधन छात्रों को स्कूल आने की मनाही तो नहीं कर पा रहे, पर उन्हें एहतिहातन ठीक होने तक घर पर आराम करने या फिर स्कूल में काला चस्मा पहन कर आने की सलाह दे रहे हैं।

जिससे बच्चों में यह संक्रमण न फैलने पाए। बतादें कि जिले में अब तक 500 से अधिक इससे पीड़ित मरीजों का इलाज हो चुका है। यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।

इन इलाकों में ज्यादा पीड़ित स्कूलों में मामलों को छिपाया जा रहा

तालापारा के बाद अब शहर के गोंडपारा, कुदुुडंड, मगरपारा, सरकंडा, मोपका, राजकिशोर नगर, मंगला में सबसे ज्यादा इसके मरीज मिल रहे हैं। इस क्षेत्र के स्कूलों में भी छात्र-छात्राएं इसकी चपेट में हैं। हालांकि स्कूल प्रबंधन इस मामले को छिपा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन दबी जुबान में बच्चों को स्कूल न भेजने की बात कर रहा है।


अस्पतालों में लंबी कतार

आई फ्लू से पीड़ितों की इन दिनों जिला अस्पताल, सिम्स समेत अन्य चिकित्सालयों में भी लंबी कतार लग रही है। पंजीयन कराने से लेकर ओपीडी तक भीड़ देखी जा सकती है।

नेत्र विशेषज्ञ



नेत्र विशेषज्ञ डॉ. एलसी मढ़रिया के अनुसार ‘वायरल कंजक्टिवाइटिस’ आंखों की एक बीमारी है। आई फ्लू से पीड़ित व्यक्ति को आंखों में जलन, दर्द व लालपन जैसी समस्या झेलनी पड़ती है। ये बीमारी एक खास तरह के एलर्जिक रिएक्शन की वजह से होता है, लेकिन कई मामलों में बैक्टीरिया का संक्रमण भी इसके लिए जिम्मेदार होता है।