12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

क्या है ऑपरेशन प्रहार, सेना के जवानों को क्यों पड़ी इसकी जरूरत

Chhattisgarh Facts: 2000 से ज्यादा जवान ऑपरेशन प्रहार-2 में शामिल है। ऑपरेशन प्रहार-2 के बारे में कुछ जरूरी बातें बता रहे हैं..

2 min read
Google source verification
CG news

Opearation Prahar

रायपुर . बस्तर से नक्सलियों का सफाया करने एक बार फिर पुलिस ने बड़े अभियान की शुरूआत की है। ऑपरेशन प्रहार-1 की सफलता के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बार फिर नक्सलियों से सीधी लड़ाई के लिए ऑपरेशन प्रहार-2 की घोषणा की। नक्सलियों का गढ़ कही जाने वाली अबूझमाड़ के घने जंगल में घूसकर पुलिस नक्सलियों का एनकाउंटर कर रही है। 2000 से ज्यादा जवान ऑपरेशन प्रहार-2 में शामिल है। ऑपरेशन प्रहार-2 के बारे में कुछ जरूरी बातें बता रहे हैं..

1. ऑपरेशन प्रहार 22 जून 2017 को छत्तीसगढ़ के बस्तर से नक्सलियों को मार गिराने के लिए चलाया गया अभियान था।
2. यह ऑपरेशन प्रहार 56 घंटे तक चला था।
3. इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस बस्तर विवेकानंद सिन्हा ने बताया, पहली बार नक्सल के खिलाफ इतना बढ़ा अभियान चला था।
4. इस पूरे अभियान में STF(Special task force ) ,DRG(District reserve guard), CRPF( Central reserve police force) की कोबरा बटालियन ने एक साथ बस्तर के जंगलो में अभियान चलाया था।
5. इंडियन एयरफोर्स की ANTF(Anti Naxal Task Force) को ट्रांसपोर्टेशन के टास्क के लिए रखा गया था।
6. 15 से 20 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि की गई थी। लेकिन नक्सलियों की लाश बरामद नहीं हो पाई थी।
7. हिड़मा, जो की दक्षिण सुकमा का नक्सली लीडर है। उसने इस बात से साफ़ इंकार किया की उसका कोई भी आदमी नहीं मारा गया है।
8. पहली बार टॉस्क फॉर्स तोंडामरका तक पहुंचने में कामयाब रहे। यह नक्सलियों का कोर एरिया है, हिड़मा इस इनका का लीडर है।
9. नक्सल के थिंक टैंक माने जाने वाले गणेश उइके फॉर्स को चकमा देने में कामयाब रहा।

ऑपरेशन प्रहार-2

1. ऑपरेशन प्रहार-2, 7 नवंबर 2017 को 2000 टास्क फॉर्स के साथ स्टार्ट किया गया था।
2. इस अभियान में STF, ANTF, CRPF, DRG टीम ने एक साथ काम किया।
3. ऑपरेशन प्रहार के पहले दिन 1 नक्सल और दूसरे दिन 7 नक्सल मरे गए
4. 5 नक्सल महिला भी मारी गई थी,
5. इस अभियान के बाद इस साल कुल 63 नक्सल मारे गए, जिनमें से 43 नक्सलियों के उपर सरकार ने इनाम रखा था जो 1.29 करोड़ की राशि थी।
6. घटना स्थल पर 2 थिनोटथ्री और 5, 315 बोर के बंदूक, 1-12 बोर का बंदूक और 1 पिस्टल बरामद किया। नक्सलियों का शव मिलने के बाद डीजी डीएम अवस्थी ने ऑपरेशन प्रहार 2 की सफलता के बारे में बताया।
7. नक्सल डीजी डीएम अवस्थी ने मीडिया को बताया कि बस्तर से नक्सलियों का सफाया करने के लिए पुलिस ने सीधी लड़ाई लडऩे के लिए ऑपरेशन प्रहार-2 की शुरूआत की थी ।
8. नारायणपुर में शुरू हुए ऑपरेशन प्रहार-2 में जवानों ने 6 बंदूकधारी नक्सलियों को ढेर कर दिया।