फर्जी प्रमाण पत्र से 12 साल तक की शिक्षाकर्मी की नौकरी, ऐसे हुआ खुलासा

- नौकरी लगाने के नाम पर दूसरे से भी लिया था पैसा
- खुलासा होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज किया अपराध

By: Ashish Gupta

Updated: 08 Oct 2020, 07:05 PM IST

रायपुर. एक ओर कई शिक्षित बेरोजगार नौकरी के लिए तरस रहे हैं, तो दूसरी ओर ऐसे भी लोग हैं जो फर्जी प्रमाण पत्रों (Fake Certificate for Job) के जरिए आराम से नौकरी कर रहे हैं। शिक्षा विभाग (CG Education Department) को इसकी भनक भी नहीं लगती। ऐसे ही एक मामला आरंग इलाके से सामने आये है।

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एक शिक्षाकर्मी फर्जी अंकसूची और अनुभव प्रमाण पत्र के जरिए 12 साल से नौकरी कर रहा था। इसका खुलासा होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। आरोपी ने अपने एक दोस्त को भी नौकरी लगाने का झांसा दिया था और उससे साढ़े तीन लाख रुपए ले लिए थे। लेकिन उसकी नौकरी नहीं लगाई और न ही पैसा वापस किया। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

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पुलिस के मुताबिक ग्राम रजकट्टी फिंगेश्वर निवासी थानूराम साहू की भेखलाल साहू से जान-पहचान थी। भेखलाल शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के रूप में पदस्थ है। उसने थानूराम को भी सरकारी नौकरी लगवा देने का आश्वासन दिया था। इसके एवज में पिछले साल भेखलाल ने 3 लाख 50 हजार रुपए लिया था। और उसे अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर नौकरी लगाने का आश्वासन दिया।

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थानूराम ने पैसे दे दिया, लेकिन उसकी नौकरी नहीं लगी। और न ही भेखलाल ने पैसे वापस किए। इसके बाद थानूराम ने भेखलाल के बारे में विभिन्न स्त्रोतों से जानकारी निकाली। इससे खुलासा हुआ कि भेखलाल खुद ही फर्जी अंकसूची और अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहा है। इसकी शिकायत उसने आरंग थाने में की। पुलिस ने मामले की पूरी जांच के बाद आरोपी भेखलाल के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश में पुलिस जुट गई है।

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