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कारोबारियों को ब्लैकमेल करने वाले के पास से मिले 40 से अधिक फर्जी पैन कार्ड और सोना

कारोबारियों को ब्लैकमेल करने वाले सूदखोर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह के पास से मिले 40 से अधिक पैनकार्डों की जांच पुलिस ने नहीं की।

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रायपुर. कारोबारियों को ब्लैकमेल करने वाले सूदखोर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह के पास से मिले 40 से अधिक पैनकार्डों की जांच पुलिस ने नहीं की। बरामदगी के समय पुलिस ने पैनकार्डों को फर्जी होने का दावा किया था। इसमें एक ही नाम व फोटो के कई पैनकार्ड थे। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने इन पैनकार्डों की जब्ती भी चार्जशीट में नहीं दिखाया है। इससे रूबी और उसके भाई के खिलाफ अलग से कोई अपराधिक प्रकरण नहीं बना। साथ ही न्यायालय में केस भी कमजोर हो गया है।

उल्लेखनीय है कि रूबी और उसके भाई के खिलाफ तीन कारोबारियों ने कर्ज देकर लाखों रुपए वसूली की। और एक कारोबारी का अश्लील फोटो बनाकर उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। इसकी शिकायत पर रूबी, उसके भाई रोहित तोमर सहित पांच लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस अप्रैल 2019 में ब्लैकमेलिंग, धमकी, मारपीट के विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया था। रूबी और रोहित को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर नहीं: पैनकार्डों की पुलिस ने अब तक जांच नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक इन पैनकार्डों के जरिए बैंक लोन और अन्य वित्तीय सेवाओं में दुरुपयोग किया गया है। इनकी जांच होने से बड़े स्तर का फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है, लेकिन पुलिस अब तक इन पैनकार्डों की जांच नहीं की है। बताया जाता है कि आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट में भी इन पैनकार्डों की जब्ती नहीं बताई गई है, जबकि पुलिस अफसरों ने मामले का खुलासा करते समय जांच करने का दावा किया था।

एक किलो सोने के साथ मिला था कार्ड
दोनों के गिरफ्तार होते ही आरोपियों के सूदखोरी के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने उसके घर में छापा मारा। इस दौरान उसके कब्जे से पांच गाडिय़ां जब्त की गई। इस गाडिय़ों के भीतर मिले बैग से एक किलो सोना, बड़ी संख्या में शपथ पत्र, पासबुक के साथ ही 40 से अधिक पैनकार्ड मिले थे। एक ही नाम व फोटो वाले कई पैनकार्ड थे।