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करोड़ों की ठगी करने वाले बाप-बेटे गिरफ्तार, अब नागपुर के आरोपी को बता रहा मास्टरमाइंड

एमएस शॉप के डॉयरेक्टर स्वप्निल मित्तल और उसके पिता देहरादून से गिरफ्तार किए गए है। पीयूष राठी और विक्रम सिंह अब तक फरार हैं 50 करोड़ से अधिक की ठगी का मामला है और इनके नाम पर आजाद चौक थाने में 5 मामले दर्ज हैं

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सिटी रिपोर्टर@रायपुर। करोड़ों की ठगी करने वाला लोहा कारोबारी बाप-बेटे को पुलिस ने उत्तराखंड के देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने के बाद आरोपी अब मामले का मास्टरमाइंड नागपुर के कारोबारी को बता रहा है, जबकि उसने पकड़े जाने पर स्वप्निल को मास्टरमाइंड बताया था। आरोपियों के खिलाफ पांच कारोबारियों ने आजादचौक थाने में अपराध दर्ज कराया था। इसके बाद से परिवार सहित फरार हो गया था। उसके दो अन्य पार्टनर फरार चल रहे हैं। उनकी अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

पुलिस के मुताबिक एसएम शॉप के संचालक स्वप्निल मित्तल ने राजेश अग्रवाल से 3 करोड़ 70 लाख रुपए का लोहा खरीदा था। लेकिन इसका भुगतान नहीं किया। राजेश की ही तरह शहर के अलग-अलग लोहा कारोबारियों से 50 करोड़ रुपए से अधिक का माल लिया, लेकिन किसी को भुगतान नहीं किया। लेनदारों का दबाव बढ़ा, स्वप्निल अपने पार्टनर और परिवार के साथ फरार हो गया। अलग-अलग कारोबारियों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। इसके बाद से वह फरार चल रहा था। शुक्रवार को पुलिस ने उत्तराखंड के देहरादून के एक धर्मशाला से उसे और उसके पिता सुरेश कुमार मित्तल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ आजादचौक थाने में 5 अपराध दर्ज हैं।

अभी फरार हैं पार्टनर
एसएम शॉप के डॉयरेक्टर स्वप्निल के पार्टनर पीयूष राठी और विक्रम सिंह भी थे। ठगी में उनका भी हाथ है। दोनों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। दोनों आरोपी भी अपने परिवार सहित फरार चल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज कारोबारियों ने एसएसपी को ज्ञापन सौंपा था। और जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। आरोपियों के खिलाफ जून में मामला दर्ज हुआ था, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।

पुलिस का दावा लगातार बदलता रहा होटल

पुलिस का दावा है कि ठगी करने के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने राजनांदगांव, छिंदवाड़ा, झांसी, ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन, ऋषिकेश, कुरूक्षेत्र, महासर, राजस्थान और देहरादून सहित अलग-अलग 20 स्थानों पर अपना ठिकाना बदलता रहा। और हर दो दिन में होटल बदल देता था। लेकिन सवाल उठता है कि इतने जगह पर रहने के लिए उसके पास पैसे कहां से और किसी माध्यम से पहुंचता था? और इतने दिनों तक पुलिस उसे ट्रेक क्यों नहीं कर पा रही थी।
करोड़ों ठगने के बाद उलझा रहे

पूछताछ में स्वप्निल का दावा है कि उसने लोहा नागपुर के संतोष साहू उर्फ बंटी को बेचा था। उसने रकम का भुगतान नहीं किया। इसलिए वह अन्य कारोबारियों का पैसा नहीं लौटा पाया, जबकि जिस समय पुलिस ने बंटी को गिरफ्तार किया था, उसने कहा था कि स्वप्निल को उसने पूरे पैसे नगद वापस किए हैं। दोनों आरोपी एक-दूसरे पर मामला डाल रहे हैं। ताकि पीडि़तों को गुमराह किया जा सके। वहीं यह भी चर्चा है कि स्वप्निल सट्टे में पैसा हार गया है। पीडि़त कारोबारियों का कहना है कि पूरा मामला एक साजिश के तहत स्वप्निल और उसके साथियों ने अंजाम दिया है।