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जरूरतमंदों व बेजुबानों के ‘मसीहा’ : भूखों को रोजाना खिला रहे खाना, स्ट्रीट डॉग्स की बचा रहे जिंदगी

CG Positive News : जो दूसरों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते हैं। यहां उन्होंने भारतीयों की मदद में अपना जीवन गुजार दिया

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रायपुर@ताबीर हुसैन।CG Positive News : 60 के दशक का मशहूर फिल्मी गीत है- अपने लिए जीएं तो क्या जीएं, तू जी ऐ दिल जमाने के लिए...। आज भी समाज में कई ऐसे लोग हैं जो दूसरों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते हैं। यहां उन्होंने भारतीयों की मदद में अपना जीवन गुजार दिया। इसके बाद वह वापस नहीं गईं। आज हम कुछ सेवाभावी संस्थाओं के बारे में बता रहे हैं जिनके कामकाज में मदर टेरेसा जैसा सेवाभाव नजर आता है।

आवाम-ए- हिंद

CG Positive News : इस संस्था ने कोरोना टाइम से गरीबों को भोजन खिलाने की जिम्मेदारी ली है। तब से रोजाना कहीं न कहीं भोजन कराते रहते हैं। पदाधिकारियों ने बताया, हमने सिर्फ कोरोना काल को ध्यान में रखते हुए यह शुरुआत की थी लेकिन इस काम में इतना सुकून मिलने लगा कि बंद नहीं कर पाए।

चरामेति फाउंडेशन

छह साल पहले इस फाउंडेशन की शुरुआत हुई। महासचिव राजेंद्र ओझा ने बताया, आंबेडकर हॉस्पिटल की कैंसर यूनिट में भर्ती मरीजों को रोजाना रात का भोजन करा रहे हैं। इसके अलावा स्कूली बच्चों को स्टेशनरी का वितरण समय-समय पर होता रहता है।

एनिमल वाटिका

CG Positive News : एनिमल वाटिका फाउंडेशन के बैनरतले शहर की कस्तुरी बल्लाल चंदखुरी में हॉस्पिल चला रही हैं। उन्होंने आईसीयू डेवलप किया है जहां उनकी टीम द्वारा रेस्क्यू किए जा रहे डॉगीज का इलाज किया जाता है। अभी इस शेल्टर होम में लगभग डॉग हैैं जिनका इलाज चल रहा है।

शुभारंभ फाउंडेशन

यह फाउंडेशन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रहा है। पदाधिकारियों ने बताया, कोरोना के समय हमने फाउंडेशन की शुरूआत की। उस वक्त राशन वितरण किया करते थे लेकिन उसके बाद महिलाओं के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए। लगभग 150 महिलाओं को विशेष ट्रेनिंग देकर स्वरोजगार दिया।

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